*सरस संगम*
वाल्मीकिनगर - भारत नेपाल सीमा पर अवस्थित शिवालय घाट त्रिवेणी धाम नेपाल में पावन गुरु पूर्णिमा के अवसर पर नारायणी गंडकी माता की 51 वीं भव्य महाआरती कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
*चंदन कुमार*
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कैलाश पर्वत धाम के पीठाधीश्वर स्वामी ऋषभ आनंद सरस्वती जी महाराज ,कोटि होम आश्रम नेपाल के पीठाधीश्वर धर्मपाल संत गुरु वशिष्ठ जी महाराज ,जीवन मुक्तानंद सरस्वती ,अध्यक्ष मोतीलाल ढकाल , संयोजक व संस्थापक डी आनंद ,स्वरांजलि सेवा संस्थान ट्रस्ट की अध्यक्षा अंजू देवी, गायक निर्मल अमात्य एवं भक्त किशनलाल पांडे ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित करके किया।मुख्य अतिथि श्री ऋषभ आनंद ने अपने संबोधन के क्रम में कहा कि गुरु का दर्जा भगवान से भी ऊपर है ।
अंधकार से प्रकाश की ओर तथा दुख से सुख की ओर गुरुवर ही ले जाते हैं। बिना गुरु के हमारे जीवन का कोई मूल्य नहीं है। गुरु पूर्णिमा की सार्थकता को बड़ी सहजता के साथ भक्तों के समक्ष रखा गया। धर्मपाल श्री वशिष्ठ ने नारायणी गंडकी की महिमा को प्रस्तुत किया। चंद्र ग्रहण के मौके पर भारत नेपाल से बड़ी संख्या में भक्त भजन कीर्तन तथा स्नान दान करने के निमित्त उपस्थित थे। गंगा मैया की जय नारायणी गंडकी माता की जय शिव शंकर भगवान की जय आदि नारे गुंजायमान होते रहे। चर्चित कलाकार श्री आनंद ने गुरु वंदना गाकर गुरु पूर्णिमा की सार्थकता को सिद्ध किया। नेपाली भजन मेरो जीवन मां भयो चमत्कार सुनकर श्रोता गण झूमते रहे। समाज सेवी एवं गायक संगीत आनंद ने हिंदी भजन नहीं चाहिए दिल दुखाना किसी का भजन को नए अंदाज में प्रस्तुत किया । स्वरांजलि सेवा संस्थान की गायिका आशा साहू एवं कुमारी संगीता ने युगल स्वर में देवी पचरा प्रस्तुत किया । काठमांडू नेपाल से आए गायक निर्मल अमात्य ने पर्यावरण संरक्षण संवर्धन तथा प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा विषय पर केंद्रित इस महा आरती कार्यक्रम की भूरि भूरि प्रशंसा की । महाराजगंज उत्तर प्रदेश से आई गायिका रेखा चौधरी के भजनों की खूब तारीफ हुई । आयोजन समिति कोटि होम आश्रम नेपाल एवं स्वरांजलि सेवा संस्थान ट्रस्ट द्वारा आगत अतिथियों को अंगवस्त्रम भगवत गीता एवं उपहारों से सम्मानित किया गया। संवेदक दरोगा पांडे एवं शिक्षाविद राधेश्याम पांडे द्वारा महाप्रसाद की समुचित व्यवस्था की गई थी ।
दूधिया रोशनी में भजनों पर झूमते नाचते तालियां बजाते हजारों भक्तों का नजारा सुंदरतम था। नेपाल पुलिस के सब इंस्पेक्टर राजू बाबू यादव प्रहरी बिल राजपुन सुरक्षा प्रहरी दिलीप तथा आर्म्ड पुलिस फोर्स के अशोक क्षेत्री सुरक्षा की कमान संभाले हुए थे। देर रात तक कार्यक्रम स्थल पर नर-नारी भजन गंगा में डुबकी लगाते रहे। मंच संचालन डी आनंद ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष मोतीलाल ढकाल ने किया। कार्यक्रम के मध्य में अतिथि संत एवं विशिष्ट प्रतिभाशाली व्यक्तित्व नारायणी गंडकी सम्मान से सम्मानित किए गए। इस मौके पर राजेश निगम ,गायक शिव चंद्र शर्मा , निर्मल अमात्य , प्रमोद रौनियार , दिलीप जायसवाल ,अमरेंद्र सिंह, रामनगर के गायक संजय , कश्यप ऋषि पांडे , पंडित बीके शर्मा , अनमोल आनंद , नितेश , चंदन मिश्रा , गायक धर्मराज शर्मा , कवित्री शोभा पांडे , वैद्य मनु गांधी गुप्ता, मूर्तिकार मनोज कुमार , कैलाश पर्वत के संजोग पांडे , गायक बुद्धि सागर , गुड्डू निगम , राम नारायण प्रसाद एवं राकेश झा उपस्थित थे।।
*सरस संगम*
वाल्मीकिनगर - भारत नेपाल सीमा पर अवस्थित शिवालय घाट त्रिवेणी धाम नेपाल में पावन गुरु पूर्णिमा के अवसर पर नारायणी गंडकी माता की 51 वीं भव्य महाआरती कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
*चंदन कुमार*
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कैलाश पर्वत धाम के पीठाधीश्वर स्वामी ऋषभ आनंद सरस्वती जी महाराज ,कोटि होम आश्रम नेपाल के पीठाधीश्वर धर्मपाल संत गुरु वशिष्ठ जी महाराज ,जीवन मुक्तानंद सरस्वती ,अध्यक्ष मोतीलाल ढकाल , संयोजक व संस्थापक डी आनंद ,स्वरांजलि सेवा संस्थान ट्रस्ट की अध्यक्षा अंजू देवी, गायक निर्मल अमात्य एवं भक्त किशनलाल पांडे ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित करके किया।मुख्य अतिथि श्री ऋषभ आनंद ने अपने संबोधन के क्रम में कहा कि गुरु का दर्जा भगवान से भी ऊपर है ।
अंधकार से प्रकाश की ओर तथा दुख से सुख की ओर गुरुवर ही ले जाते हैं। बिना गुरु के हमारे जीवन का कोई मूल्य नहीं है। गुरु पूर्णिमा की सार्थकता को बड़ी सहजता के साथ भक्तों के समक्ष रखा गया। धर्मपाल श्री वशिष्ठ ने नारायणी गंडकी की महिमा को प्रस्तुत किया। चंद्र ग्रहण के मौके पर भारत नेपाल से बड़ी संख्या में भक्त भजन कीर्तन तथा स्नान दान करने के निमित्त उपस्थित थे। गंगा मैया की जय नारायणी गंडकी माता की जय शिव शंकर भगवान की जय आदि नारे गुंजायमान होते रहे। चर्चित कलाकार श्री आनंद ने गुरु वंदना गाकर गुरु पूर्णिमा की सार्थकता को सिद्ध किया। नेपाली भजन मेरो जीवन मां भयो चमत्कार सुनकर श्रोता गण झूमते रहे। समाज सेवी एवं गायक संगीत आनंद ने हिंदी भजन नहीं चाहिए दिल दुखाना किसी का भजन को नए अंदाज में प्रस्तुत किया । स्वरांजलि सेवा संस्थान की गायिका आशा साहू एवं कुमारी संगीता ने युगल स्वर में देवी पचरा प्रस्तुत किया । काठमांडू नेपाल से आए गायक निर्मल अमात्य ने पर्यावरण संरक्षण संवर्धन तथा प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा विषय पर केंद्रित इस महा आरती कार्यक्रम की भूरि भूरि प्रशंसा की । महाराजगंज उत्तर प्रदेश से आई गायिका रेखा चौधरी के भजनों की खूब तारीफ हुई । आयोजन समिति कोटि होम आश्रम नेपाल एवं स्वरांजलि सेवा संस्थान ट्रस्ट द्वारा आगत अतिथियों को अंगवस्त्रम भगवत गीता एवं उपहारों से सम्मानित किया गया। संवेदक दरोगा पांडे एवं शिक्षाविद राधेश्याम पांडे द्वारा महाप्रसाद की समुचित व्यवस्था की गई थी ।
दूधिया रोशनी में भजनों पर झूमते नाचते तालियां बजाते हजारों भक्तों का नजारा सुंदरतम था। नेपाल पुलिस के सब इंस्पेक्टर राजू बाबू यादव प्रहरी बिल राजपुन सुरक्षा प्रहरी दिलीप तथा आर्म्ड पुलिस फोर्स के अशोक क्षेत्री सुरक्षा की कमान संभाले हुए थे। देर रात तक कार्यक्रम स्थल पर नर-नारी भजन गंगा में डुबकी लगाते रहे। मंच संचालन डी आनंद ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष मोतीलाल ढकाल ने किया। कार्यक्रम के मध्य में अतिथि संत एवं विशिष्ट प्रतिभाशाली व्यक्तित्व नारायणी गंडकी सम्मान से सम्मानित किए गए। इस मौके पर राजेश निगम ,गायक शिव चंद्र शर्मा , निर्मल अमात्य , प्रमोद रौनियार , दिलीप जायसवाल ,अमरेंद्र सिंह, रामनगर के गायक संजय , कश्यप ऋषि पांडे , पंडित बीके शर्मा , अनमोल आनंद , नितेश , चंदन मिश्रा , गायक धर्मराज शर्मा , कवित्री शोभा पांडे , वैद्य मनु गांधी गुप्ता, मूर्तिकार मनोज कुमार , कैलाश पर्वत के संजोग पांडे , गायक बुद्धि सागर , गुड्डू निगम , राम नारायण प्रसाद एवं राकेश झा उपस्थित थे।।
*सरस संगम*





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