प्रखंड मधुबनी के पूरे पंचायत के सरपंचों की एक बैठक गुरुवार को दौनाहा सरपंच उमेश पाल के दरवाजे पर हुई। जिसमें सभी सरपंचों ने अपनी समस्याओं को लेकर एवं सरकार के द्वारा दिए गए अधिकार के बारे में चर्चाए की । उपस्थित सरपंचों को संबोधित करते हुए।मधुबनी प्रखंड के सरपंच संघ के अध्यक्ष उमेश पाल ने कहा,कि सरकार द्वारा पंचायती राज व्यवस्था कानून के अंतर्गत सरपंचों का चुनाव तो कर दिया है। लेकिन अब तक सरपंचों को किसी तरह की सुविधा नहीं दी है ।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सरपंचों को चौकीदार एवं न्याय की पगार उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। लेकिन अब तक कहीं भी सरपंचों को यह हासिल नहीं हो पाया। उमेश पाल ने कहा कि वह अपने अधिकारों के लिए जिला स्तर पर मीटिंग कर अपनी हक की लड़ाई के लिए सरकार से मांग करेंगे ।वहीं मधुबनी के सरपंच हीरा यादव ने उपस्थित ग्रमीणों लोगों से कहा कि जिस दिन ग्राम कचहरी में वाद विवाद की सुनवाई होती है । उस दिन वहां वकील एवं सचिव तो उपस्थित रहते हैं। लेकिन विवाद वाले को बुलाने के लिए वहां कोई चौकीदार भी उपस्थित नहीं रहता। सूचना देने के बाद भी वाद ग्राम कचहरी में उपस्थित नहीं हो पाते हैं। जिससे मामले की सुनवाई करने में काफी परेशानी होती है। अगर ग्राम कचहरी के सरपंचों को सरकार प्रशासनिक कानून व्यवस्था पर कुछ अधिकार दे, और सुरक्षा उपलब्ध कराए,तो सरपंचों को काफी विवाद सुलझान में बहुत सहूलियत होगी। ग्राम पंचायत चिउरही के सरपंच मसरफ गद्दी ने कहा कि सरकार को चाहिए कि अगर वह पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत इस का चुनाव कराई है ।तो उन्हें पूर्ण रूप से उनका अपना अधिकार दें ।जबसे पंचायती राज के अंतर्गत सरपंच के चुनाव शुरू हुए हैं ।तब से आज तक सरपंच अपने हक अधिकार के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं ।लेकिन अब तक सरकार के द्वारा इस पर करवाई सरपंच अधिकार अब तक नहीं दिया ।
सरपंच न्याय के लिये के लिए आंदोलन करने को कटिबद्ध।
सरस् संगम बगहा(कार्यलय) मधुबनी
प्रखंड मधुबनी के पूरे पंचायत के सरपंचों की एक बैठक गुरुवार को दौनाहा सरपंच उमेश पाल के दरवाजे पर हुई। जिसमें सभी सरपंचों ने अपनी समस्याओं को लेकर एवं सरकार के द्वारा दिए गए अधिकार के बारे में चर्चाए की । उपस्थित सरपंचों को संबोधित करते हुए।मधुबनी प्रखंड के सरपंच संघ के अध्यक्ष उमेश पाल ने कहा,कि सरकार द्वारा पंचायती राज व्यवस्था कानून के अंतर्गत सरपंचों का चुनाव तो कर दिया है। लेकिन अब तक सरपंचों को किसी तरह की सुविधा नहीं दी है ।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सरपंचों को चौकीदार एवं न्याय की पगार उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। लेकिन अब तक कहीं भी सरपंचों को यह हासिल नहीं हो पाया। उमेश पाल ने कहा कि वह अपने अधिकारों के लिए जिला स्तर पर मीटिंग कर अपनी हक की लड़ाई के लिए सरकार से मांग करेंगे ।वहीं मधुबनी के सरपंच हीरा यादव ने उपस्थित ग्रमीणों लोगों से कहा कि जिस दिन ग्राम कचहरी में वाद विवाद की सुनवाई होती है । उस दिन वहां वकील एवं सचिव तो उपस्थित रहते हैं। लेकिन विवाद वाले को बुलाने के लिए वहां कोई चौकीदार भी उपस्थित नहीं रहता। सूचना देने के बाद भी वाद ग्राम कचहरी में उपस्थित नहीं हो पाते हैं। जिससे मामले की सुनवाई करने में काफी परेशानी होती है। अगर ग्राम कचहरी के सरपंचों को सरकार प्रशासनिक कानून व्यवस्था पर कुछ अधिकार दे, और सुरक्षा उपलब्ध कराए,तो सरपंचों को काफी विवाद सुलझान में बहुत सहूलियत होगी। ग्राम पंचायत चिउरही के सरपंच मसरफ गद्दी ने कहा कि सरकार को चाहिए कि अगर वह पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत इस का चुनाव कराई है ।तो उन्हें पूर्ण रूप से उनका अपना अधिकार दें ।जबसे पंचायती राज के अंतर्गत सरपंच के चुनाव शुरू हुए हैं ।तब से आज तक सरपंच अपने हक अधिकार के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं ।लेकिन अब तक सरकार के द्वारा इस पर करवाई सरपंच अधिकार अब तक नहीं दिया ।
प्रखंड मधुबनी के पूरे पंचायत के सरपंचों की एक बैठक गुरुवार को दौनाहा सरपंच उमेश पाल के दरवाजे पर हुई। जिसमें सभी सरपंचों ने अपनी समस्याओं को लेकर एवं सरकार के द्वारा दिए गए अधिकार के बारे में चर्चाए की । उपस्थित सरपंचों को संबोधित करते हुए।मधुबनी प्रखंड के सरपंच संघ के अध्यक्ष उमेश पाल ने कहा,कि सरकार द्वारा पंचायती राज व्यवस्था कानून के अंतर्गत सरपंचों का चुनाव तो कर दिया है। लेकिन अब तक सरपंचों को किसी तरह की सुविधा नहीं दी है ।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सरपंचों को चौकीदार एवं न्याय की पगार उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। लेकिन अब तक कहीं भी सरपंचों को यह हासिल नहीं हो पाया। उमेश पाल ने कहा कि वह अपने अधिकारों के लिए जिला स्तर पर मीटिंग कर अपनी हक की लड़ाई के लिए सरकार से मांग करेंगे ।वहीं मधुबनी के सरपंच हीरा यादव ने उपस्थित ग्रमीणों लोगों से कहा कि जिस दिन ग्राम कचहरी में वाद विवाद की सुनवाई होती है । उस दिन वहां वकील एवं सचिव तो उपस्थित रहते हैं। लेकिन विवाद वाले को बुलाने के लिए वहां कोई चौकीदार भी उपस्थित नहीं रहता। सूचना देने के बाद भी वाद ग्राम कचहरी में उपस्थित नहीं हो पाते हैं। जिससे मामले की सुनवाई करने में काफी परेशानी होती है। अगर ग्राम कचहरी के सरपंचों को सरकार प्रशासनिक कानून व्यवस्था पर कुछ अधिकार दे, और सुरक्षा उपलब्ध कराए,तो सरपंचों को काफी विवाद सुलझान में बहुत सहूलियत होगी। ग्राम पंचायत चिउरही के सरपंच मसरफ गद्दी ने कहा कि सरकार को चाहिए कि अगर वह पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत इस का चुनाव कराई है ।तो उन्हें पूर्ण रूप से उनका अपना अधिकार दें ।जबसे पंचायती राज के अंतर्गत सरपंच के चुनाव शुरू हुए हैं ।तब से आज तक सरपंच अपने हक अधिकार के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं ।लेकिन अब तक सरकार के द्वारा इस पर करवाई सरपंच अधिकार अब तक नहीं दिया ।
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