एस एस न्यूज़ कार्यालय दिल्ली गे्टर नोएडा
BY. Dr Umesh Chhonker...
मेरठ / बसपा के मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र प्रभारी याकूब कुरैशी की मीट प्लांट को सील कर दिया गया है। हालाकि सील की कार्रवाई को रोकने के लिए याकूब कुरैशी ने काफी कोशिश की। लेकिन प्रशासन पूरी तैयारी के साथ पहुंची और सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ, व कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मीट फैक्ट्री के भीतर प्लांट के एक हिस्से को सील किया। इस दौरान वीडियोग्राफी कराई गई है।
दरअसल मायावती के करीबी और मेरठ से बसपा के भावी उम्मीदवार हाजी याकूब के मीट प्लांट को हाईकोर्ट से सोमवार को कोई राहत नहीं मिली। एमडीए के अधिकारियों ने मंगलवार को इस मीट प्लांट को सील करने की पूरी तैयारी पहले ही कर ली थी। सुबह से ही एमडीए के अधिकारी हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही फैसला आया उसी के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई/
वहीं दूसरी ओर याकूब कुरैशी ने अपने मीट प्लांट में बसपा का भाईचारा सम्मेलन बुला लिया। जिससे भारी संख्या में बसपा कार्यकर्ता पहुंचे। इसके माध्यम से वे पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाना चाहते थे। लेकिन एमडीए अफसरों ने इस संबंध में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता कर पूरी रणनीति तैयारी करके पहुंची।
बता दें कि शासन ने 24 जनवरी को हाजी याकूब के बेटे इमरान याकूब के मालिकाने वाली मीट फैक्ट्री के संबंध में दायर पुनरीक्षण वाद को खारिज कर दिया। अलफहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड बिना एमडीए से नक्शा स्वीकृत किए बनाया गया है। फैक्ट्री में सील लगाने की प्रक्रिया 2017 से चल रही है। एमडीए की कार्रवाई के खिलाफ इमरान याकूब हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट ने मेरठ कमिश्नर को इस मामले में पूरा पक्ष सुनने के लिए कहा था। दावा था कि फैक्ट्री 22 साल पुरानी है और उस समय महायोजना 2021 भी नहीं थी।
एमडीए बोर्ड ने हाईकोर्ट के आदेशों के बाद फैसला किया था कि इमरान खुद ही अवैध निर्माण को ध्वस्त करें। जिस पर अमल नहीं हुआ तो एमडीए ने मीट प्लांट पर सील लगाने के लिए समय तय किया। अलफहीम मीटेक्स पर कार्रवाई के लिए एमडीए तथा प्रशासन ने 12 फरवरी की तारीख तय कर रखी थी। एमडीए सचिव राजकुमार और जोनल अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कार्रवाई में किसी तरह की कोई कानूनी अड़चन नहीं आई। कार्रवाई में डीएम अनिल ढींगरा ने सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, चार सीओ, एक थाना प्रभारी, 18 उपनिरीक्षक, 46 कांटेबल, 18 महिला कांस्टेबल सहित दंगा नियंत्रण, उपकरण, फायर ब्र्रिगेड की दो गाड़ियां और पीएसी की दो प्लाटून भी मौजूद थी /
BY. Dr Umesh Chhonker...
मेरठ / बसपा के मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र प्रभारी याकूब कुरैशी की मीट प्लांट को सील कर दिया गया है। हालाकि सील की कार्रवाई को रोकने के लिए याकूब कुरैशी ने काफी कोशिश की। लेकिन प्रशासन पूरी तैयारी के साथ पहुंची और सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ, व कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मीट फैक्ट्री के भीतर प्लांट के एक हिस्से को सील किया। इस दौरान वीडियोग्राफी कराई गई है।
दरअसल मायावती के करीबी और मेरठ से बसपा के भावी उम्मीदवार हाजी याकूब के मीट प्लांट को हाईकोर्ट से सोमवार को कोई राहत नहीं मिली। एमडीए के अधिकारियों ने मंगलवार को इस मीट प्लांट को सील करने की पूरी तैयारी पहले ही कर ली थी। सुबह से ही एमडीए के अधिकारी हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही फैसला आया उसी के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई/
वहीं दूसरी ओर याकूब कुरैशी ने अपने मीट प्लांट में बसपा का भाईचारा सम्मेलन बुला लिया। जिससे भारी संख्या में बसपा कार्यकर्ता पहुंचे। इसके माध्यम से वे पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाना चाहते थे। लेकिन एमडीए अफसरों ने इस संबंध में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता कर पूरी रणनीति तैयारी करके पहुंची।
बता दें कि शासन ने 24 जनवरी को हाजी याकूब के बेटे इमरान याकूब के मालिकाने वाली मीट फैक्ट्री के संबंध में दायर पुनरीक्षण वाद को खारिज कर दिया। अलफहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड बिना एमडीए से नक्शा स्वीकृत किए बनाया गया है। फैक्ट्री में सील लगाने की प्रक्रिया 2017 से चल रही है। एमडीए की कार्रवाई के खिलाफ इमरान याकूब हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट ने मेरठ कमिश्नर को इस मामले में पूरा पक्ष सुनने के लिए कहा था। दावा था कि फैक्ट्री 22 साल पुरानी है और उस समय महायोजना 2021 भी नहीं थी।
एमडीए बोर्ड ने हाईकोर्ट के आदेशों के बाद फैसला किया था कि इमरान खुद ही अवैध निर्माण को ध्वस्त करें। जिस पर अमल नहीं हुआ तो एमडीए ने मीट प्लांट पर सील लगाने के लिए समय तय किया। अलफहीम मीटेक्स पर कार्रवाई के लिए एमडीए तथा प्रशासन ने 12 फरवरी की तारीख तय कर रखी थी। एमडीए सचिव राजकुमार और जोनल अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कार्रवाई में किसी तरह की कोई कानूनी अड़चन नहीं आई। कार्रवाई में डीएम अनिल ढींगरा ने सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, चार सीओ, एक थाना प्रभारी, 18 उपनिरीक्षक, 46 कांटेबल, 18 महिला कांस्टेबल सहित दंगा नियंत्रण, उपकरण, फायर ब्र्रिगेड की दो गाड़ियां और पीएसी की दो प्लाटून भी मौजूद थी /
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