बेतिया मोहन सिंह कूल्हे की ऑपरेशन के लिए डॉ उमेश कुमार की नारायणी हॉस्पिटल में दाखिल महिला की दो बार डॉ द्वारा असफल ऑपरेशन करने एवं हाई एंटीबायोटिक दवा चलाने के बाद जब एक किडनी खराब हो गया तो डॉ द्वारा उस महिला को करीब एक माह बाद रेफर कर दिया गया। यह कोई दूसरे की कहानी नहीं है बल्कि जिले के वरिष्ठ पत्रकार एवं पश्चिम चंपारण प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन सिंह की आप बीती है। उन्होंने 20 अप्रैल को कूल्हे की ऑपरेशन के लिए अपनी पत्नी शारदा देवी को डॉ उमेश कुमार के निजी नारायणी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉ उमेश कुमार ने इनसे 2 बाउंड भरवाने के बाद 25 अप्रैल को ऑपरेशन किया और 1 मई को ड्रेसिंग करने के बाद कहा कि घाव सूख रहा है। आप इन्हें घर ले जा सकते हैं और समय-समय पर आकर ड्रेसिंग करा सकते हैं। जब 1 मई को घर ले जाया गया तो अचानक रात में और हालत बिगड़ गई। जब 2 मई को पुनः डॉ उमेश कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि मरीज को लेकर आइये और मरीज को अस्पताल लेकर जाने के बाद पुनः अपने हॉस्पिटल में भर्ती कर लिया। इसके बाद 7 मई को डॉ उमेश कुमार ने तीन बाउंड पेपर पर हस्ताक्षर कराने के बाद दोबारा कुल्ले का ऑपरेशन किया। इसके बाद डॉ द्वारा कहा गया कि ऑपरेशन में इंफेक्शन हो गया है। मैंने कुल्हे में लगे बॉल को निकाल दिया है। इन्फेक्शन खत्म होने के करीब तीन-चार माह बाद ऑपरेशन करना पड़ेगा। उसके बाद उन्होंने हाई एंटीबायोटिक दवा चलाना शुरू कर दिया और धीरे धीरे मरीज की एक किडनी खराब होती गई और स्थिति बिगड़ने लगी। स्थिति बिगड़ते देख पत्रकार ने अपने व्हाट्सएप पर लिखा कि उमेश कुमार के क्लीनिक में मै बुरी तरह से फस गया हूं और संकट में हूं। यह पढ़ डॉ उमेश कुमार तिलमिला उठे और उन्होंने पत्रकार को बुलाकर कहा कि मैं आपको काफी मदद कर रहा हूं और अपना निजी फीस भी नहीं ले रहा हूं। फिर भी आप मेरी बनी बनाई प्रेक्टिस को खराब करना चाहते हैं। आप पुनः एक बार लिख दीजिए कि डॉक्टर साहब मुझे काफी मदद कर रहे हैं। पत्रकार श्री सिंह ने अपनी पत्नी की स्थिति को देखते हुए जो ट्रेक्शन पर लटकी हुई थी। वह ऐसी स्थित को देख मजबूर हो अपने व्हाट्सएप पर डॉक्टर साहब के कहने पर उनके बारे में दो तीन लाइन लिखा, कि डॉक्टर साहब मुझे काफी मदद कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी पत्नी की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। इस बीच डॉक्टर साहब ने अपनी निजी पैड पर लिखकर लाया की डॉक्टर साहब काफी मदद कर रहे हैं और उन्होंने सफल ऑपरेशन किया है तथा मेरी भूल से उन्हें यह झेलना पड़ रहा है। पत्रकार श्री सिंह ने अपने पत्नी की स्थिति देखते हुए मरणासन्न स्थिति में ट्रेक्शन पर लटकी हुई थी। उन्होंने डॉक्टर साहब एवं उनके गुर्गे कंपाउंडर के दबाव में मजबूरी हो उस लिखित बाउंड पर हस्ताक्षर कर दिया। इसके बाद 20 मई को गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ उमेश कुमार ने अपने सहयोगी फिजीशियन डॉ अंजनी कुमार को बुलाकर पीएमसीएच या किसी प्राइवेट क्लिनिक में ले जाने की बात करते हुए रेफर कर दिया ।अब पत्रकार मोहन सिंह की की पत्नी की गंभीर स्थिति में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। जो वहां जीवन और मौत से जूझ रही है।
सरस् संगम (कार्यलय)बेतिया से ब्यूरो रिपोर्ट:-
बेतिया मोहन सिंह कूल्हे की ऑपरेशन के लिए डॉ उमेश कुमार की नारायणी हॉस्पिटल में दाखिल महिला की दो बार डॉ द्वारा असफल ऑपरेशन करने एवं हाई एंटीबायोटिक दवा चलाने के बाद जब एक किडनी खराब हो गया तो डॉ द्वारा उस महिला को करीब एक माह बाद रेफर कर दिया गया। यह कोई दूसरे की कहानी नहीं है बल्कि जिले के वरिष्ठ पत्रकार एवं पश्चिम चंपारण प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन सिंह की आप बीती है। उन्होंने 20 अप्रैल को कूल्हे की ऑपरेशन के लिए अपनी पत्नी शारदा देवी को डॉ उमेश कुमार के निजी नारायणी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉ उमेश कुमार ने इनसे 2 बाउंड भरवाने के बाद 25 अप्रैल को ऑपरेशन किया और 1 मई को ड्रेसिंग करने के बाद कहा कि घाव सूख रहा है। आप इन्हें घर ले जा सकते हैं और समय-समय पर आकर ड्रेसिंग करा सकते हैं। जब 1 मई को घर ले जाया गया तो अचानक रात में और हालत बिगड़ गई। जब 2 मई को पुनः डॉ उमेश कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि मरीज को लेकर आइये और मरीज को अस्पताल लेकर जाने के बाद पुनः अपने हॉस्पिटल में भर्ती कर लिया। इसके बाद 7 मई को डॉ उमेश कुमार ने तीन बाउंड पेपर पर हस्ताक्षर कराने के बाद दोबारा कुल्ले का ऑपरेशन किया। इसके बाद डॉ द्वारा कहा गया कि ऑपरेशन में इंफेक्शन हो गया है। मैंने कुल्हे में लगे बॉल को निकाल दिया है। इन्फेक्शन खत्म होने के करीब तीन-चार माह बाद ऑपरेशन करना पड़ेगा। उसके बाद उन्होंने हाई एंटीबायोटिक दवा चलाना शुरू कर दिया और धीरे धीरे मरीज की एक किडनी खराब होती गई और स्थिति बिगड़ने लगी। स्थिति बिगड़ते देख पत्रकार ने अपने व्हाट्सएप पर लिखा कि उमेश कुमार के क्लीनिक में मै बुरी तरह से फस गया हूं और संकट में हूं। यह पढ़ डॉ उमेश कुमार तिलमिला उठे और उन्होंने पत्रकार को बुलाकर कहा कि मैं आपको काफी मदद कर रहा हूं और अपना निजी फीस भी नहीं ले रहा हूं। फिर भी आप मेरी बनी बनाई प्रेक्टिस को खराब करना चाहते हैं। आप पुनः एक बार लिख दीजिए कि डॉक्टर साहब मुझे काफी मदद कर रहे हैं। पत्रकार श्री सिंह ने अपनी पत्नी की स्थिति को देखते हुए जो ट्रेक्शन पर लटकी हुई थी। वह ऐसी स्थित को देख मजबूर हो अपने व्हाट्सएप पर डॉक्टर साहब के कहने पर उनके बारे में दो तीन लाइन लिखा, कि डॉक्टर साहब मुझे काफी मदद कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी पत्नी की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। इस बीच डॉक्टर साहब ने अपनी निजी पैड पर लिखकर लाया की डॉक्टर साहब काफी मदद कर रहे हैं और उन्होंने सफल ऑपरेशन किया है तथा मेरी भूल से उन्हें यह झेलना पड़ रहा है। पत्रकार श्री सिंह ने अपने पत्नी की स्थिति देखते हुए मरणासन्न स्थिति में ट्रेक्शन पर लटकी हुई थी। उन्होंने डॉक्टर साहब एवं उनके गुर्गे कंपाउंडर के दबाव में मजबूरी हो उस लिखित बाउंड पर हस्ताक्षर कर दिया। इसके बाद 20 मई को गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ उमेश कुमार ने अपने सहयोगी फिजीशियन डॉ अंजनी कुमार को बुलाकर पीएमसीएच या किसी प्राइवेट क्लिनिक में ले जाने की बात करते हुए रेफर कर दिया ।अब पत्रकार मोहन सिंह की की पत्नी की गंभीर स्थिति में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। जो वहां जीवन और मौत से जूझ रही है।
बेतिया मोहन सिंह कूल्हे की ऑपरेशन के लिए डॉ उमेश कुमार की नारायणी हॉस्पिटल में दाखिल महिला की दो बार डॉ द्वारा असफल ऑपरेशन करने एवं हाई एंटीबायोटिक दवा चलाने के बाद जब एक किडनी खराब हो गया तो डॉ द्वारा उस महिला को करीब एक माह बाद रेफर कर दिया गया। यह कोई दूसरे की कहानी नहीं है बल्कि जिले के वरिष्ठ पत्रकार एवं पश्चिम चंपारण प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन सिंह की आप बीती है। उन्होंने 20 अप्रैल को कूल्हे की ऑपरेशन के लिए अपनी पत्नी शारदा देवी को डॉ उमेश कुमार के निजी नारायणी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉ उमेश कुमार ने इनसे 2 बाउंड भरवाने के बाद 25 अप्रैल को ऑपरेशन किया और 1 मई को ड्रेसिंग करने के बाद कहा कि घाव सूख रहा है। आप इन्हें घर ले जा सकते हैं और समय-समय पर आकर ड्रेसिंग करा सकते हैं। जब 1 मई को घर ले जाया गया तो अचानक रात में और हालत बिगड़ गई। जब 2 मई को पुनः डॉ उमेश कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि मरीज को लेकर आइये और मरीज को अस्पताल लेकर जाने के बाद पुनः अपने हॉस्पिटल में भर्ती कर लिया। इसके बाद 7 मई को डॉ उमेश कुमार ने तीन बाउंड पेपर पर हस्ताक्षर कराने के बाद दोबारा कुल्ले का ऑपरेशन किया। इसके बाद डॉ द्वारा कहा गया कि ऑपरेशन में इंफेक्शन हो गया है। मैंने कुल्हे में लगे बॉल को निकाल दिया है। इन्फेक्शन खत्म होने के करीब तीन-चार माह बाद ऑपरेशन करना पड़ेगा। उसके बाद उन्होंने हाई एंटीबायोटिक दवा चलाना शुरू कर दिया और धीरे धीरे मरीज की एक किडनी खराब होती गई और स्थिति बिगड़ने लगी। स्थिति बिगड़ते देख पत्रकार ने अपने व्हाट्सएप पर लिखा कि उमेश कुमार के क्लीनिक में मै बुरी तरह से फस गया हूं और संकट में हूं। यह पढ़ डॉ उमेश कुमार तिलमिला उठे और उन्होंने पत्रकार को बुलाकर कहा कि मैं आपको काफी मदद कर रहा हूं और अपना निजी फीस भी नहीं ले रहा हूं। फिर भी आप मेरी बनी बनाई प्रेक्टिस को खराब करना चाहते हैं। आप पुनः एक बार लिख दीजिए कि डॉक्टर साहब मुझे काफी मदद कर रहे हैं। पत्रकार श्री सिंह ने अपनी पत्नी की स्थिति को देखते हुए जो ट्रेक्शन पर लटकी हुई थी। वह ऐसी स्थित को देख मजबूर हो अपने व्हाट्सएप पर डॉक्टर साहब के कहने पर उनके बारे में दो तीन लाइन लिखा, कि डॉक्टर साहब मुझे काफी मदद कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी पत्नी की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। इस बीच डॉक्टर साहब ने अपनी निजी पैड पर लिखकर लाया की डॉक्टर साहब काफी मदद कर रहे हैं और उन्होंने सफल ऑपरेशन किया है तथा मेरी भूल से उन्हें यह झेलना पड़ रहा है। पत्रकार श्री सिंह ने अपने पत्नी की स्थिति देखते हुए मरणासन्न स्थिति में ट्रेक्शन पर लटकी हुई थी। उन्होंने डॉक्टर साहब एवं उनके गुर्गे कंपाउंडर के दबाव में मजबूरी हो उस लिखित बाउंड पर हस्ताक्षर कर दिया। इसके बाद 20 मई को गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ उमेश कुमार ने अपने सहयोगी फिजीशियन डॉ अंजनी कुमार को बुलाकर पीएमसीएच या किसी प्राइवेट क्लिनिक में ले जाने की बात करते हुए रेफर कर दिया ।अब पत्रकार मोहन सिंह की की पत्नी की गंभीर स्थिति में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। जो वहां जीवन और मौत से जूझ रही है।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
SARAS SANGAM,
पुलिस को मिली बड़ी सफलता, एक पिस्टल ,दो मैगजीन ,तीन गोली के साथ अपराधी गिरफ्तार
सरस् संगम(कार्यलय )बेतिया से ब्यूरो सोनुभारत द्वाज की रिपोर्ट:- बेतिया काली बाग ओपी थाना क्षेत्र के बौद्धि माई स्थान के पास अज्ञात अपराधि...
SARAS SANGAM
-
सरस् संगम अखबार टीम की रिपोर्ट- आज हमारे बिहार में नौनिहालों का भविष्य खतरे में दिखाई दे रहा है। जो हमारे समाज और देश के लिए खतरे का सूचक...
-
सरस् संगम से पिन्टू कुमार की रिपोर्ट- बगहा पुलिस जिला चौतरवा थाने का, डीआईजी ने किया निरीक्षण। थाना पहुंचने पर सर्वप्रथम स्थानीय पुलिस कर्...
-
सरस् संगम बगहा (कार्यलय) धनहा पिन्टू कुमार की रिपोर्ट- धनहा थाना क्षेत्र के दौनाहा गांव में राधा कृष्ण मंदिर की जमीन को गलत तरीके से रजि...
No comments:
Post a Comment