सरस संगम
सत्येन्द्र कुमार
बगहा पश्चिमी चम्पारण
की रिपोर्ट 13/4/18
सेविका-सहायिका भूखी है, सत्याग्रह शताब्दी मनाना धोखा है। झुठ की खेती बंद करो, 18 हजार मानदेय दो। तीन हजार में दम नही, 18 हजार से कम नही
आदि नारों के साथ गुरुवार को आंगनबाड़ी सेविका सहायिकाओं ने आक्रोश मार्च निकाला।
बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के तहत निकली आक्रोश मार्च हरिवाटिका चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास से शुरु होकर शहीद स्मारक पहुंची। कार्यक्रम का नेतृत्व संघ जिलाध्यक्ष सीमा देवी, महासचिव सुमन वर्मा, ओमप्रकाश क्रांति, अजय वर्मा, स्नेह लता, गोदावरी देवी, शीतल झा, रेणु देवी, राधामोहन यादव, त्रिगुण देवी, प्रमोद तिवारी आदि ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते संघ सरंक्षक ओमप्रकाश क्रांति ने कहा कि मातृत्व वेदना, स्वच्छता अभियान जैसे कई प्रकार की कार्य सेविका सहायिकाओं से ली जा रही है। समय से मानेदय नही मिलने के कारण दूसरों को कुपोषण से बचाने वाली सेविका सहायिका के बच्चे खुद भूखमरी के कगार पर है। मृत सेविका सहायिकाओं के आश्रितों को घोषित चार लाख का बीमा नही मिल रहा है। ऐसी आवाज सदन में उठना चाहिए। वही सीमा देवी ने विभागीय अधिकारियों के मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग की। साथ ही संगठित होने की अपील की। मौके पर दर्जनों सेविका-सहायिका शामिल रही।
सत्येन्द्र कुमार
बगहा पश्चिमी चम्पारण
की रिपोर्ट 13/4/18
सेविका-सहायिका भूखी है, सत्याग्रह शताब्दी मनाना धोखा है। झुठ की खेती बंद करो, 18 हजार मानदेय दो। तीन हजार में दम नही, 18 हजार से कम नही
आदि नारों के साथ गुरुवार को आंगनबाड़ी सेविका सहायिकाओं ने आक्रोश मार्च निकाला।
बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के तहत निकली आक्रोश मार्च हरिवाटिका चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास से शुरु होकर शहीद स्मारक पहुंची। कार्यक्रम का नेतृत्व संघ जिलाध्यक्ष सीमा देवी, महासचिव सुमन वर्मा, ओमप्रकाश क्रांति, अजय वर्मा, स्नेह लता, गोदावरी देवी, शीतल झा, रेणु देवी, राधामोहन यादव, त्रिगुण देवी, प्रमोद तिवारी आदि ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते संघ सरंक्षक ओमप्रकाश क्रांति ने कहा कि मातृत्व वेदना, स्वच्छता अभियान जैसे कई प्रकार की कार्य सेविका सहायिकाओं से ली जा रही है। समय से मानेदय नही मिलने के कारण दूसरों को कुपोषण से बचाने वाली सेविका सहायिका के बच्चे खुद भूखमरी के कगार पर है। मृत सेविका सहायिकाओं के आश्रितों को घोषित चार लाख का बीमा नही मिल रहा है। ऐसी आवाज सदन में उठना चाहिए। वही सीमा देवी ने विभागीय अधिकारियों के मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग की। साथ ही संगठित होने की अपील की। मौके पर दर्जनों सेविका-सहायिका शामिल रही।

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