सरस संगम
सत्येन्द्र कुमार
बगहा पश्चिमी चम्पारण
की रिपोर्ट 15/4/18
ठकराहां के उमाटोला गांव में शनिवार की दोपहर लगी आग में न केवल घर-बार, धन-संपदा जलकर राख हो गया। बल्कि अरमानों की फेहरिस्त जख्में दिल को तड़पाकर विलाप करने को विवश कर दिया...
ठकराहां के उमाटोला गांव में शनिवार की दोपहर लगी आग में न केवल घर-बार, धन-संपदा जलकर राख हो गया। बल्कि अरमानों की फेहरिस्त जख्में दिल को तड़पाकर विलाप करने को विवश कर दिया है।
घंटों भर के अग्निकांड में सबका घर बार जलकर राख हो चुका है। राख की ढेर के ताप में अग्नि पीड़ित उम्मीदों को ले तड़प रहे है। कोई घर बनवाने का रोना रो रहा है,तो कोई बेटी-बेटा के ब्याह के उम्मीदों को टूटते देखकर विलाप कर रहा है। गौरतलब है,अग्निकांड में इस गांव के करीब सवा सौ परिवार बेघर हो गए हैं।
सभी का वर्षों की गाढ़ी कमाई जलकर स्वाहा हो गया है। इस गांव के तीन घरों में आगामी मई महीने में बेटियों के ब्याह की तारीख मकुर्रर है। ब्याह की तैयारी राख की ढेर में तब्दील देख रींकी की मां का रो-रो कर बुरा हाल है। श्यामसुन्दर यादव ने बताया कि बेटी रींकी का ब्याह 11 मई को तय है। धीरे-धीरे जुगात करके ब्याह के खर्च के लिए डेढ़ लाख रुपये इक्कठा किए थे। सोमवार को फर्नीचर के लिए पैसा देना था। पर अब क्या करें सब रुपये भी जलकर राख हो गया। इसी तरह का रोना मचा है भागवत मुखिया के परिवार में। भागवत बताते हैं,कि उनकी बेटी शिला के ब्याह 16 मई को होना है। कर्जवाम करके कुघ सामान भी खरीद लिया था,जो जलकर स्वाहा हो गया। सुभाष चौधरी की लड़की किरण की शादी 20 मई को होना है। पर इसपर मुशिबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। सुभाष कहते है कि बेटी की बिदाई में देने के लिए फर्नीचर बनवाया था। कुछ जरुरी खरीदारी भी कर लिए थे।
सत्येन्द्र कुमार
बगहा पश्चिमी चम्पारण
की रिपोर्ट 15/4/18
ठकराहां के उमाटोला गांव में शनिवार की दोपहर लगी आग में न केवल घर-बार, धन-संपदा जलकर राख हो गया। बल्कि अरमानों की फेहरिस्त जख्में दिल को तड़पाकर विलाप करने को विवश कर दिया...
ठकराहां के उमाटोला गांव में शनिवार की दोपहर लगी आग में न केवल घर-बार, धन-संपदा जलकर राख हो गया। बल्कि अरमानों की फेहरिस्त जख्में दिल को तड़पाकर विलाप करने को विवश कर दिया है।
घंटों भर के अग्निकांड में सबका घर बार जलकर राख हो चुका है। राख की ढेर के ताप में अग्नि पीड़ित उम्मीदों को ले तड़प रहे है। कोई घर बनवाने का रोना रो रहा है,तो कोई बेटी-बेटा के ब्याह के उम्मीदों को टूटते देखकर विलाप कर रहा है। गौरतलब है,अग्निकांड में इस गांव के करीब सवा सौ परिवार बेघर हो गए हैं।
सभी का वर्षों की गाढ़ी कमाई जलकर स्वाहा हो गया है। इस गांव के तीन घरों में आगामी मई महीने में बेटियों के ब्याह की तारीख मकुर्रर है। ब्याह की तैयारी राख की ढेर में तब्दील देख रींकी की मां का रो-रो कर बुरा हाल है। श्यामसुन्दर यादव ने बताया कि बेटी रींकी का ब्याह 11 मई को तय है। धीरे-धीरे जुगात करके ब्याह के खर्च के लिए डेढ़ लाख रुपये इक्कठा किए थे। सोमवार को फर्नीचर के लिए पैसा देना था। पर अब क्या करें सब रुपये भी जलकर राख हो गया। इसी तरह का रोना मचा है भागवत मुखिया के परिवार में। भागवत बताते हैं,कि उनकी बेटी शिला के ब्याह 16 मई को होना है। कर्जवाम करके कुघ सामान भी खरीद लिया था,जो जलकर स्वाहा हो गया। सुभाष चौधरी की लड़की किरण की शादी 20 मई को होना है। पर इसपर मुशिबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। सुभाष कहते है कि बेटी की बिदाई में देने के लिए फर्नीचर बनवाया था। कुछ जरुरी खरीदारी भी कर लिए थे।


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