सरस संगम
सत्येन्द्र कुमार
बगहा पश्चिमी चम्पारण
की रिपोर्ट 13/4/18
17 साल की पीड़िता ने बताया, पिछले साल 4 जून की बात है। उन्होंने मुझे एक कमरे में जाने के लिए कहा, और उसी कमरे में उसने मेरे साथ रेप किया। बाद में मुझे धमकी देते हुए कहा गया कि अगर मैंने इस बारे में किसी को बताया तो मेरे पिता और परिवार को मार दिया जाएगा। मैंने इसके बारे में किसी को कुछ भी नहीं बताया। हालांकि, कुछ दिन बाद 11 जून को उसके कुछ लोगों ने मेरा अपहरण कर लिया। वह कुछ दिनों तक मेरे साथ बलात्कार करते रहे फिर मुझे बेच दिया गया। वहां से मुझे छुड़ाया गया।
पीड़िता ने कहा -जान दे देंगे वापस नहीं जाएंगे
मामला बिगड़ता देख यूपी सरकार ने इस मामले को सीबीआई को सौंपा है। इसके बाद, गुरुवार को आरोपी विधायक के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने पॉक्सो समेत कई धाराओं में विधायक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इससे पहले पीड़ित के पिता की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। आरोपी विधायक के भाई पर पीड़ित के पिता को पीटने का आरोप है।
पीड़िता ने बताया कि हम सब उनको भैया बुलाते थे। हमारे बड़े पापा उनके साथ ही रहा करते थे। कभी कभी वो हमारे घर भी आते थे दादी से विशेष तौर पर अंडा फ्राई बनवाते थे और दादी उन्हें बनाकर खिलाती थी।
पीड़ित ने बताया कि पिछले साल गैंगरेप की वारदात के बाद मैं बहुत परेशान हो गई थी और घर लौटते ही अपनी चाची के पास दिल्ली चली गई। दिल्ली में मैंने पहली बार अपनी चाची को इस घटना के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने मेरे साथ घटी सारी घटना की जानकारी चाचा को दी।
उसने आगे कहा 17 अगस्त 2017 को मैं और चाचा अपनी आपबीती के साथ लखनऊ गए और वहां सीएम योगी आदित्यनाथ के घर पर अपनी दरख्वास्त दी। उन्होंने हमारी बातें सुनी और हमारी अर्जी वहां बैठे किसी व्यक्ति को दी लेकिन कुछ न कहा और न ही मामले में कोई संज्ञान ही लिया। पीड़ित ने आगे बताया कि जब सीएम से निजी तौर पर मिलने से भी कुछ नहीं हुआ तो उसने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, यूपी डीजीपी को चिट्ठी लिखकर मदद मांगी।
पीड़ित के मुताबिक, इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। और तो और, पुलिसवालों ने नसीहत दी कि वह इस मामले में बीजेपी विधायक को न लाएं। लेकिन पिछले हफ्ते जब पीड़ित ने अपने पिता के साथ मारपीट की घटना सुनी तो उसने अगली ट्रेन पकड़कर लखनऊ पहुंची ताकि सीएम आदित्यनाथ से मुलाकात कर सके। लेकिन उसे समय नहीं दिया गया। जो लोग गेट पर थे उन्होंने कहा कि वह किसी और से मिल लें। हमने उनके सहयोगी से मिलने की बात की लेकिन उन्होंने मिलने से मना कर दिया। मुझे लगा कि मैं ही अपने परिवार और अपनी जिंदगी में आई मुसीबतों के लिए जिम्मेदार हूं और मैंने केरोसीन से खुद को पूरा भिगा लिया लेकिन मेरी जगह मेरे पिता ही मर गए।
आंखों से आंसू पोछते हुए पीड़िता की 11 साल की बहन ने बताया कि 'उन लोगों ने मेरे पापा को खूब मारा, पापा को नीम के पेड़ पर बांधकर पानी डाल -डाल कर मार रहे थे। कोई कुछ नहीं बोला. दादी वहीं बेहोश हो गई थी..हम वहां वापस नहीं जाएंगे। उसने कहा था कि अगर बोलोगी तो तुम्हारे पापा और परिवार को खत्म कर देंगे और उसने कर दिया। पीड़िता ने कहा -जान दे देंगे वापस नहीं जाएंगे। लेकिन ये लड़ाई जारी रहेगी। सिर्फ एफआईआर नहीं, उससे क्या होता है, उन सबकी गिरफ्तारी होनी चाहिये
सत्येन्द्र कुमार
बगहा पश्चिमी चम्पारण
की रिपोर्ट 13/4/18
उन्नाव गैंगरेप मामला हर दिन नया रूप ले रहा है। गैंगरेप के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सीबीआई की टीम ने तड़के उसके गिरफ्तार कर लिया। विधायक पर पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। अब पीड़ित महिला मीडिया के सामने आ गई है। उसने मीडिया को बातचीत में कई खुलासे किए हैं। वहीं यह भी पता चला है कि आरोपी विधायक और पीड़ित महिला के परिवार में "दोस्ताना रिश्ते" थे। मखी गांव में दोनों के घर आमने-सामने हैं। यही नहीं पीड़ित लड़की और उसके भाई-बहन विधायक को भइया बुलाते थे।
पिछले साल जून जब महिला विधायक के घर नौकरी की लालच में पहुंची तभी उसके साथ इस घटना को अंजाम दिया गया। विधायक ने उसे नौकरी देने की बात कहकर घर भी बुलाया था। इसके बाद वह एक रिश्तेदार के साथ आरोपी विधायक के घर गई थी तभी यह वारदात हुई थी। पीड़ित ने अंग्रेजी मीडिया को दिए इंटरव्यू में दोनों परिवारों के बीच के रिश्तों और उन घटनाओं के बारे में जिक्र किया है, जिसके बाद पिछले साल उसके साथ कथित तौर पर गैंगरेप हुआ।17 साल की पीड़िता ने बताया, पिछले साल 4 जून की बात है। उन्होंने मुझे एक कमरे में जाने के लिए कहा, और उसी कमरे में उसने मेरे साथ रेप किया। बाद में मुझे धमकी देते हुए कहा गया कि अगर मैंने इस बारे में किसी को बताया तो मेरे पिता और परिवार को मार दिया जाएगा। मैंने इसके बारे में किसी को कुछ भी नहीं बताया। हालांकि, कुछ दिन बाद 11 जून को उसके कुछ लोगों ने मेरा अपहरण कर लिया। वह कुछ दिनों तक मेरे साथ बलात्कार करते रहे फिर मुझे बेच दिया गया। वहां से मुझे छुड़ाया गया।
मामला बिगड़ता देख यूपी सरकार ने इस मामले को सीबीआई को सौंपा है। इसके बाद, गुरुवार को आरोपी विधायक के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने पॉक्सो समेत कई धाराओं में विधायक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इससे पहले पीड़ित के पिता की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। आरोपी विधायक के भाई पर पीड़ित के पिता को पीटने का आरोप है।
पीड़िता ने बताया कि हम सब उनको भैया बुलाते थे। हमारे बड़े पापा उनके साथ ही रहा करते थे। कभी कभी वो हमारे घर भी आते थे दादी से विशेष तौर पर अंडा फ्राई बनवाते थे और दादी उन्हें बनाकर खिलाती थी।
पीड़ित ने बताया कि पिछले साल गैंगरेप की वारदात के बाद मैं बहुत परेशान हो गई थी और घर लौटते ही अपनी चाची के पास दिल्ली चली गई। दिल्ली में मैंने पहली बार अपनी चाची को इस घटना के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने मेरे साथ घटी सारी घटना की जानकारी चाचा को दी।
उसने आगे कहा 17 अगस्त 2017 को मैं और चाचा अपनी आपबीती के साथ लखनऊ गए और वहां सीएम योगी आदित्यनाथ के घर पर अपनी दरख्वास्त दी। उन्होंने हमारी बातें सुनी और हमारी अर्जी वहां बैठे किसी व्यक्ति को दी लेकिन कुछ न कहा और न ही मामले में कोई संज्ञान ही लिया। पीड़ित ने आगे बताया कि जब सीएम से निजी तौर पर मिलने से भी कुछ नहीं हुआ तो उसने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, यूपी डीजीपी को चिट्ठी लिखकर मदद मांगी।
पीड़ित के मुताबिक, इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। और तो और, पुलिसवालों ने नसीहत दी कि वह इस मामले में बीजेपी विधायक को न लाएं। लेकिन पिछले हफ्ते जब पीड़ित ने अपने पिता के साथ मारपीट की घटना सुनी तो उसने अगली ट्रेन पकड़कर लखनऊ पहुंची ताकि सीएम आदित्यनाथ से मुलाकात कर सके। लेकिन उसे समय नहीं दिया गया। जो लोग गेट पर थे उन्होंने कहा कि वह किसी और से मिल लें। हमने उनके सहयोगी से मिलने की बात की लेकिन उन्होंने मिलने से मना कर दिया। मुझे लगा कि मैं ही अपने परिवार और अपनी जिंदगी में आई मुसीबतों के लिए जिम्मेदार हूं और मैंने केरोसीन से खुद को पूरा भिगा लिया लेकिन मेरी जगह मेरे पिता ही मर गए।
आंखों से आंसू पोछते हुए पीड़िता की 11 साल की बहन ने बताया कि 'उन लोगों ने मेरे पापा को खूब मारा, पापा को नीम के पेड़ पर बांधकर पानी डाल -डाल कर मार रहे थे। कोई कुछ नहीं बोला. दादी वहीं बेहोश हो गई थी..हम वहां वापस नहीं जाएंगे। उसने कहा था कि अगर बोलोगी तो तुम्हारे पापा और परिवार को खत्म कर देंगे और उसने कर दिया। पीड़िता ने कहा -जान दे देंगे वापस नहीं जाएंगे। लेकिन ये लड़ाई जारी रहेगी। सिर्फ एफआईआर नहीं, उससे क्या होता है, उन सबकी गिरफ्तारी होनी चाहिये


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