Board Results 2018: इस बार 12वीं के स्टूडेंट्स को नहीं मिलेंगे बढ़ा-चढ़ा कर मार्क्स, कम रहेगी DU की कटऑफ, जानिए वजह

सरस संगम
सत्येन्द्र कुमार
बगहा पश्चिमी चम्पारण
की रिपोर्ट 14/4/18
इस बार दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों की कटऑफ लिस्ट संभवत: आसमान नहीं छूएगी। इस बार सभी राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों ने केंद्र से वादा किया है कि वह अपने-अपने विद्यार्थियों को बढ़ा-चढ़ा कर नंबर देने की प्रवृति पर रोक लगाएंगे। राज्य बोर्डों ने इस प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी के अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज में प्रवेश प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए यह कदम उठाने का फैसला किया है।
दरअसल पिछले सालों से यह देखा जा रहा है कि कुछ राज्य बोर्ड अपने विद्यार्थियों को बहुत ज्यादा-ज्यादा मार्क्स दे रहे हैं। जब ये छात्र दिल्ली यूनिवर्सिटी के लिए आवेदन करते हैं तो यहां कि कट-ऑफ लिस्ट 99 या 100 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। ऐसा होने से औसत मार्क्स पाने वाले विद्यार्थियों को एडमिशन लेने में काफी दिक्कत होती है।
केंद्र सरकार के आग्रह के बाद अभी तक देश के 23 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस संबंध में आश्वासन दे चुके हैं। सबसे ताजा आश्वासन तमिलनाडु ने 5 अप्रैल को दिया है। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, अंडमान निकोबार द्वीपसमूह, दिल्ली, दमन दीव, पांडुचेरी भी बहुत ज्यादा मार्क्स देने के सिस्टम पर रोक लगाएंगे।
वर्ष 2016 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के B.Com (Honours) कोर्स में जो पहले 188 दाखिले हुए थे उनमें से 129 तमिलनाडु से थे। दाखिला लेने वाले 33 छात्र तमिलनाडु के एक ही स्कूल के थे।
लेकिन इस बार तमिलनाडु सरकार ने केंद्र सरकार को आश्वासन दिया है कि ग्रेस मार्क्स सिर्फ उन स्टूडेंट्स को दिए जाएंगे जो कि पासिंग मार्क्स से कुछ अंक पीछे हैं। मॉडरेशन पॉलिसी वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
मॉडरेशन पॉलिसी स्कूल बोर्डों को एक्स्ट्रा मार्क्स देने की अनुमति देता है। लेकिन कुछ स्टेट बोर्ड इस सिस्टम का इस्तेमाल अपने विद्यार्थियों के मार्क्स को बढ़ाने में करते हैं ताकि उनका पास प्रतिशत बेहतर हो सके। इससे अन्य बोर्ड के विद्यार्थियों में असंतोष पैदा होता है।
अधिकारियों के मुताबिक इस बार जब केंद्र ने राज्यों से इस संबंध में आश्वासन मांगा तो कई राज्यों ने तमिलनाडु के जवाब का इंतजार किया। नाम न बताने की शर्त पर एक वरिष्ठ एचआरडी अधिकारी ने कहा कि अधिकांश राज्य आश्वासन दे चुके हैं। अब तमिलनाडु का आश्वासन आ जाने के बाद शेष 13 राज्य व केंद्र शासित प्रदेश भी आश्वासन दे देंगे।
अक्टूबर 2017 में शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप ने सभी राज्य शिक्षा बोर्डों के प्रमुखों से कहा था कि वह विद्यार्थियों को अत्यधिक मार्क्स देने की प्रवृति से बचें।
एक सीनियर सीबीएसई अधिकारी ने कहा कि मॉडरेशन पॉलिसी सिर्फ बॉर्डरलाइन स्टूडेंट्स के लिए है। हम आर्टिफिशियल तौर पर अपने विद्यार्थियों के मार्क्स नहीं बढ़ाते। इस कारण हमारे विद्यार्थियों को काफी दिक्कत हो रही है। हम इस बार भी अपने स्टूडेंट्स को बढ़ा-चढ़ा कर नंबर नहीं देंगे। हम खुश हैं कि अन्य स्टेट बोर्ड भी बढ़ा-चढ़ा कर नंबर न देने की नीति का पालन करेंगे।

No comments:

Post a Comment

SARAS SANGAM,

पुलिस को मिली बड़ी सफलता, एक पिस्टल ,दो मैगजीन ,तीन गोली के साथ अपराधी गिरफ्तार

सरस् संगम(कार्यलय )बेतिया से ब्यूरो सोनुभारत द्वाज की रिपोर्ट:- बेतिया काली बाग ओपी थाना क्षेत्र के बौद्धि माई स्थान के पास अज्ञात अपराधि...

SARAS SANGAM