भीतहा थाना क्षेत्र समकालीन  छापेमारी अभियान के तहत एक वारंटी धराया ।


कृष्णा कुमार की रिपोर्ट-

भीतहा समकालीन अभियान के तहत शनिवार की रात्रि में ग्राम रूपही टाड से भितहा पुलिस ने छापामारी के क्रम में  एक वारन्टी को ग्रिफ्तार कर ,न्यायालय श्री मोहम्मद फिरोज अकरम न्या 0 दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी बगहा का ट्रायल नंबर 1054/18 के वारंटी विश्वनाथ शर्मा पिता  -रक्षा शर्मा को गिरफतार किया! भितहा थाना प्रभारी दिनेश कुमार दास ने बताया की गिरफतार कर  वारंटी को बगहा जेल भेजा दिया गया!




सरस संगम


भीतहा प्रखंड के ग्राम पंचायत राज मच्छहा  में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहद हो रहा काम।

 मुन्ना कुमार  की रिपोर्ट


भीतहा प्रखंड के ग्राम पंचायत राज मच्छहा में दिनांक 26 / 05/ 2018 दिन शनिवार को बैरटवा गांव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का काम सड़क पर गिट्टी बिछाकर  समाप्त किया गया। यह सड़क चंद्रपुर टोला से लेकर अलगू गोड. के घर तक बनाया गया । जिसमे  ठेकेदार   विकास कुमार अपनी देख रेख में कार्यो को सलंग्न पूर्वक करते दिखाई दिए। और उन्होंने बताया कि यह सड़क बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा से जोड़ते हुए कई गाँवो को फायदेमंद साबित हो सकती हैं।,



सरस संगम बगहा
कृष्णा कुमार  की रिपोर्ट

चार वारन्टी को किया गया गिरफ्तार

समकालीन अभियान के तहत दिनांक 18.5.18 को ग्राम खैरवा एवं गुलरिया से न्यालय मो0फ़िरोजकरम न्या0 दंडा0 बगहा का टी आर नम्बर 2389/18 के वारंटी 1-छोटू साह 2-प्रेमचंद साह दोनो पिता सामनारायन  दोनो  ग्राम गुलरिया 3-चंद्रिका साह पिता जवाहिर साह 4- वीरेंद्र साह पिता चंद्रिका साह दोनो ग्राम खैरवा चारों थाना भितहा ओ 0पी0 जिला प0 चम्पारण है।
 इन चारों वारन्टी को  गिरफ्तार कर के ।  जेल भेजा जा रहा है।

सरस संगम
ग्राम पंचायत राज्य  मच्छहां में निर्माण योज
ग्राम पंचायत राज्य  मच्छहां में निर्माण योजना पर बुलाई गई बैठक
मुन्ना कुमार बैठा की रिपोर्ट

ग्राम पंचायत राज मच्छहॉ में विशेष सभा का आयोजन मुखिया के अध्यक्षता में किया गया जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना के चयनित स्थाई प्रतीक्षा सूची में सभी लाभुकों का नाम पढ़कर सुनाया गया एवं अयोग्य लाभुकों को हटाने हेतु ग्राम सभा से  प्राप्त किया गया इसमें मुखिया श्री सुभान अंसारी सहायक विवेक मिश्र ने भाषण में बताया कि जिन लोगों के  पास tractor Bolero है उन लोगों के प्रति विरोध की जाए यह लाभ उन्हीं लोगों को दिया जाए जो आवास देने योग्य हैं ग्राम पंचायत राज्य  मच्छहा के सदस्यों के नाम संतोष गौड़ गिरिजा देवी पति राजेंद्र यादव अमरावती देवी पति मनु राम रमावती देवी पुत्र बबलू यादव BTC नसरुद्दीन  बढई एवं समस्त जनता
प्रेम प्रकाश पाण्डेय (कार्यालय संपादक) सरस संगम बगहा बाजार 
दिनांक 14-05-2018

नाली नही होने के कारण ग्रामीणों को हो रही है । परेसानी 


नगर परिषद् के अन्तर्गत वार्ड नंबर 2 7 में बरसात के आगमन के पूर्व ही नाली का नहीं होने के कारण मुहल्ले वालों को आवागमन मे काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा रहा है जबकि नाली का ठेका भी हो चुका है।।
लेकिन संवेदक काम प्रारम्भ नहीं कर रहे हैं कारण जानने पर पता चला कि मजदूर की कमी की वजह से काम शुरू नहीं हो रहा है।।
क्लीन बगहा और ग्रीन बगहा का सपना एक दिवा स्वप्न बनकर ही रह गया है।।
जबकि मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के अंतर्गत एक वर्ष पूर्व ही राशि नगरपालिका को मिल चुका है।। मुहल्ले वासी इससे काफी आहत है और आने वाले दिनों में बरसात की वजह से काफी चिंतित हैं।




सरस संगम  * चंदन कुमार * कि रिपोर्ट


*अति पिछड़ा मोर्चा भाजपा की बैठक सम्पन्न हुई।*

बगहा(प0च0) नगर के लक्ष्मी कॉम्प्लेक्स परिसर बगहा-2 में अति पिछड़ा मोर्चा की बैठक सोमवार देर शाम को अति पिछड़ा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अमरलाल चौधरी की अध्यक्षता में की गई। बैठक में संचालन भाजपा उपाध्यक्ष सह पिछड़ा मोर्चा के जिला प्रभारी ओमनिधि वत्स ने किया। वही बैठक का आगाज भाजपा अति पिछड़ा मोर्चा के पदाधिकारियों के परिचय से शुभारंभ किया गया।

मुख्य अतिथि ओमनिधि वत्स ने कहा कि अति पिछड़ा मोर्चा कमिटी से भाजपा को मजबूत तथा पार्टी को एक नयी दिशा देने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा विचार विमर्श किया। सभी पिछड़ा मोर्चा के पदाधिकारियों ने नयी कार्यसमिति का स्वागत किया। इस बैठक का उद्देश्य सभी मंडलों में अति पिछड़ा समिति के गठनों पर विशेष चर्चा की गई।

जिस मण्डलों में कार्यसमिति का गठन नही हुआ हैं, उसे शीघ्र गठन करने एवं हर एक मंडल से बीस बीस लोगों को जोड़ने का भी निर्देश देते हुए श्री वत्स ने यह भी कहा कि आगामी 10 जुन को अती पिछड़ा मोर्चा समीती के विस्तिर के लिये हरनाटांड मे एक महा सम्मेलन का आयोजन होगा। जिसमे पार्टी के प्रदेश अध्यक्षो का भी आगमन होगा। वही भाजपा महिला मोर्चा की नगर मंडल अध्यक्षा सुषमा सिंह ने सभी को धन्यवाद करते हुए कही की मेरा एक ही उद्देश्य है भाजपा को आगे बढ़ना। संगठन को और मजबूत करने के लिए हर एक बैठक में ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को जोड़ा जाए।जो महिला आगे आने को सक्षम हो उन्हें भी जोड़ा जाए।अगर किसी प्रकार की क्षेत्र उत्पीडित महिला के जानकारी मिले तो जरूर हमसे संपर्क करके बताये जो भी सहायता होगी। की जाएगी। और अपने अपने क्षेत्र से कम से कम दस- दस लोगों को इंटरनेट सेवा से जोड़ने एवं इंटरनेट चलाने की जानकारी देंगे।वही पिछड़ा मोर्चा के जिला महामंत्री अभिषेक जयसवाल ने कहा कि प्रत्येक मण्डल में पिछड़ा मोर्चा द्वारा सभा का आयोजन कर केंद्र व राज्यसरकार के द्वारा चलाये जा रहे है योजनाओं को जन जन तक पहुँचाने का भी काम करेंगे। मौके पर मदन साह, तपन किशोर ठाकुर, मदन प्र.जयसवाल, सुभाष चौधरी, जिला मीडिया प्रभारी सुशील कुमार सोनी, नारायण चन्द्र दास, अनिल कुमार, रामेश्वर साह, अवधेश प्र० सोनी, राजेश कुशवाहा, संजय सिंह, श्याम बिहारी चौधरी, सोनू सहनी, भाजपा कार्यकर्ता सहित प्रिंस पाठक, विशाल पांडेय,उपस्थित रहे।

सरस संगम बगहा 


(फीचर) व्याघ्र परियोजना के अस्तित्व को खतरा

वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना का अस्तित्व खतरे में पड़ता नजर आने लगा है। कुछ ही दिन के अंतराल पर दो हिरणों की मौत की घटना से इस बात के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि पशु तस्कर इस इलाके में सक्रिय हो गये हैं। इसके साथ ही इन घटनाओं ने वन विभाग के इंतजामों की भी पोल खोल दी है। हालांकि दावा यही किया जा रहा है कि इन दोनों घटनाओं में से एक में ग्रामीणों ने परियोजना क्षेत्र से भटककर रेहड़ा गांव पहुंचे एक हिरण को मार डाला था, जबकि दूसरी घटना में पूर्वी चंपारण के पिड़ारी गांव में हाईस्कूल के पास एक हिरण का शव पाया गया था। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि भटककर वहां पहुंचा वह हिरण भागने की कोशिश में किसी चीज से टकरा जाने की वजह से मारा गया था।

वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना में जानवरों के रखरखाव के लिए सरकार हर साल काफी बड़ी राशि खर्च करती है। देश की प्रमुख वानिकी परियोजनाओं में से एक वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना 880 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है, जिसमें 335 वर्ग किलोमीटर राष्ट्रीय उद्यान का सुरक्षित क्षेत्र है। परियोजना संवर्द्धन के लिए यहां चीतल, बार्किंग डियर, सांभर, सांगरी और नीलगाय आदि वन्य पशु छोड़े गए थे, लेकिन उचित देखरेख न होने की वजह से ये वन्य पशु जंगल से निकलकर ग्रामीण क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं और मौत का शिकार हो रहे हैं। जिसकी वजह से यहां विशेष रूप से हिरणों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। वन्य प्राणी संस्थान देहरादून के अनुसार 2002 में इस परियोजना में हिरणों की संख्या लगभग छह हजार थी, जो 2003 में घटकर लगभग चार हजार ही रह गई। 2007 की गणना के मुताबिक यहां सिर्फ 1500 हिरण ही बचे रह गये थे।

वन्य पशुओं की संख्या में इतनी तेजी से कमी आने की एक वजह पशु तस्करों की सक्रियता भी है। 22 अक्टूबर 2005 को वन क्षेत्र के कक्ष संख्या 29 में चार नर चीतलों के मारे जाने की सूचना मिली थी। इसी तरह कुछ अंतराल पर प्रायः वन्य पशुओं के मारे जाने की खबरें आती रही हैं। हिरणों के मारे जाने की एक वजह हर साल गंडक नदी में आने वाली बाढ़ भी है। बरसात के दिनों में गंडक नदी का पानी परियोजना में घुस जाता है। जिसके कारण हिरणों की जान मुसीबत में पड़ जाती है। कई हिरण पानी के बहाव में दूर-दूर तक बह जाते हैं। ऐसे में वे या तो डूब कर मर जाते हैं या फिर दियारा क्षेत्रों में ग्रामीण व पशु तस्कर उनका शिकार कर लेते हैं। एक बड़ी परेशानी वन क्षेत्र में इन वन्य पशुओं के लिए भोजना की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की भी है। ऐसे में भोजन की तलाश में भी हिरण व अन्य पशु ग्रामीण अंचलों में आ जाते हैं और फिर उनमें से कई ग्रामीणों और पशु तस्करों के हाथ पड़ जाते हैं।एक कड़वी सच्चाई तो ये है कि वनविभाग द्वारा इस परियोजना के हिरणों की सुरक्षा के लिए पिछले दो दशकों के बीच कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

सन 2007 के बाद से ही लगातार इस इलाके में हिरणों की हत्या की खबरें आती रही हैं। हिरणों की हत्या के बाद ग्रामीण उनके मांस का तो सेवन कर लेते हैं जबकि उसकी खाल ऊंचे दाम पर बिक जाती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक हिरण की एक खाल के बदले में खालों का अवैध कारोबार करने वाले लोग ग्रामीणों को पचास हजार रुपये तक का भुगतान करते हैं। बाद में तस्कर इन खालों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी ऊंची कीमत में बेच देते हैं।

सरस संगम
सरस संगम बगहा से चंदन कुमार / शुशील कुमार की रिपोर्ट

सीओ ने 39एकड16डिसमील ज़मीन का पैमाईस कराया।

सरकारी स्तर पर उक्त भूमी को लींज भी किया जायेगा।

बगहा(प0च0) नगर के पारस नगर से लेकर शास्त्रीनगर चौक के समीप लगभग 40एकड भूमी पूर्व मे यूर्को पार्क के लिए प्रशासन चिन्हित किया था।जो यूर्को पार्क बनाने के लिए विभागीय स्तर पर कारवाई भी किया गया था।लेकिन उक्त भूमी को कुछ लोगे के द्रारा जबरन कब्जा कर उसमे फसल भी लगा रखे थे जो फिरोज अंसारी के द्रारा एक आवेदन बगहा एस ,डीएम को अवगत कराया था। उसको लेकर अवैध कब्जा किये लोगो पर एस,डीएम कार्यालय से नोटिश भी किया गया था।जो कब्जा किये लोगो ने अनुमँडल कार्यालय उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा कि फसल काट हम लोग उक्त जमीन को छोड देगे।फिर वही दुशरे तरफ से अनुमँडल कार्यालय से एक प्रत्र भेज कर उक्त जमीन कि पैमाइश करा पुरा विवरणी कि मांग किया गया था।वही इसको लेकर बगहा एक सिओ राजकिशोर साह ने उक्त भूमी के सम्बंध मे पुरी विवरणी के साथ प्रस्ताव तैयार कर डिसीएलार को भी भेज दिया था।
सिओ राजकिशोर साह ने बताया है कि पूनःआदेश आने के बाद उक्त भूमी को सरकारी अमीन व अँचल निरीक्षक के साथ स्थल पर पहुँच जमीन का पैमाइश कराया और जमीन को चिन्हित कर छोट्टा छोट्टा खम्बों को उनके द्रारा गडवाया गया तथा एक बोडं भी तीन जगह गडवाया गया जिस बोडँ पर यह लिखा गया है कि यह जमीन नगर परिषद का है सिओ ने बताया है कि यह जमीन का दस्तावेज नदी सोता आम गैरमजरुआ मालीक के नाम से चलता आ रहा है यह पारस नगर गाँव से लेकर शास्त्रीनगर चौक के पास तक है।इसका खाता346 है।और खेसरा 1682है तथा रकबा 39एकड16डिसमील है उन्होंने बताया है कि यह पैमाइस किया जमीन सार्वजनिक उपयोग मे रहेगा।उक्त भूमी को कोई निजी उपयोग मे नही ला सकता है।अगर किसी ब्यक्ती के द्रारा जोर जबर्दस्ती जमीन जोत अबाद करता है तो उसको चिन्हित कर उसके उपर कारवाई करते हुये उस पर जुर्माना भी लगाया जायेगा।सिओ ने यह भी बताया है कि सरकारी स्तर पर उक्त भूमी को लींज भी किया जायेगा।


भितहॉ प्रखंड के मच्छहां गांव में स्वच्छ्ता अभियान कार्यक्रम


सरस संगम बगहा से चंदन कुमार/ मुन्ना कुमार की रिपोर्ट


भितहॉ प्रखंड के मच्छहां गांव में स्वच्छ्ता अभियान कार्यक्रम


प0च0:- अाज दिनॉक-8/5/2018 को   भितहॉ प्रखंड के मच्छहां पंचायत के वार्ड संख्या 05 के बैरटवा मे ग्राम सभा का आयोजन किया गया। जिसमे वार्ड सदस्य द्वारा वार्ड संख्या 05 को खुले से शौच मुक्त घोषित किया गया। जिस सभा मे यहॉ के ग्रामिण के साथ जीविका परियोजना के सामुदायिक समन्यवक,एवं राधा VO,माला VO के अध्यक्ष अनुपी देवी,मंजू देवी,ललिता देवी,उर्मिला देवी,वार्ड सदस्य संतोष कुमार गोंड,लालबिहारी जी,मो.रिजवान,मनेज यादव,हरिकेश यादव,बाढू बैठा,नागेन्द्र गुप्ता,जीविका मित्र निभा कुमारी,एवं अन्य ग्रामीण जनता उपस्तिथ रहे।। इन्होंने खुले में शौच मुक्त कराने का विचार सभी ग्रामीण के सामने रखे और बोले कि खुले में शौच करना यानी कि बीमारी को अपने पास बुलाना इससे कई प्रकार के बीमारी फैलती है। जिससे आस पास के वातावरण दूषित होता है।  और गांव के सभी बच्चे बुजुर्ग बीमार पड़ जाते है । इसलिए सभी लोग खुले में शौच न करे और घर घर मे शौचालय बनवाये

आज यहां के सभी ग्रामीण जनता के द्वारा शपथ लिया गया कि हम सभी लोग खुले मे शौच नही करेंगें,सभी लोग शौच के लिये शौचालय का प्रयोग करेंगें।
और अपने गांव शहर का वातावरण को दूषित होने से रोकेंगे
* सरस संगम बगहा *



सरस संगम  
दिल्ली में तूफान ने दी दस्तक, एनसीआर में अलर्ट जारी


May 08, 2018

नेशनल डेस्कः दिल्ली सरकार ने मंगलवार को शाम की पाली में चलने वाले स्कूलों को बंद करने का फैसला किया है। आंधी तूफान और बारिश की मौसम विभाग की चेतावनी के बाद यह निर्णय लिया गया है। वहीं डीएमआरसी ने भी मेट्रो के परिचालन में सावधानी बरतने का निर्णय किया है। दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश के नोएडा, आगरा, गाजियाबाद,मेरठ तथा मुजफ्फरनगर जिलों मेें तूफान के चलते स्कूलों में अाज छुट्टी का एेलान किया गया है।

बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और गुरुग्राम तथा फरीदाबाद समेत उसके आस-पास के क्षेत्रों में सोमवार देर रात तेज एवं धूल भरी आंधी के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मयूर विहार, नरेला, प्रगति मैदान और अन्य इलाकों में धूल भरी आंधी के साथ तेज हवाएं भी चलीं। धूल भरी आंधी के कारण सराय काले खां, भोगल, आश्रम, उत्तम नगर, नोएडा और गुरुग्राम में बिजली आपूर्ति बाधित रही।

इससे पहले सोमवार को मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान दिल्ली, हरियाणा देश के उत्तरी और पूर्वी इलाकों के अलावा दक्षिणी भारत के दूरदराज हिस्सों में मंगलवार को आंधी तूफान और भारी बारिश तथा ओलावृष्टि होने का अनुमान व्यक्त किया है। तूफान के दौरान तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है। तूफान के दौरान 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कर्नाटक और केरल आंधी-तूफान से प्रभावित हो सकते हैं। दिल्ली सरकार ने आंधी तूफान और भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर मंगलवार को शाम की पाली में लगने वाले सभी स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। इसी बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण चल रही धूल भरी आंधी चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों तक पहुंच गई। 

वहीं दिल्ली मेट्रो ने भी ट्रेनों के परिचालन में सावधानी बरतने को कहा है। डीएमआरसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हवा की गति अगर 70 से 90 किमी प्रति घंटे की होगी तो ट्रेन की आवाजाही सामान्य रहेगी लेकिन एलिवेटेड सेक्शन के प्लेटफार्म पर रेलगाड़ियां 40 किमी प्रति घंटे या इससे कम की रफ्तार से चलेंगी। उन्होंने बताया कि अगर हवा की गति 90 किमी प्रति घंटे से ज्यादा हुई तो ट्रेनों को प्लेटफार्म पर रोक दिया जाएगा और कोई भी ट्रेन 15 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की स्पीड से प्लेटफार्म पर प्रवेश नहीं करेगी।
सरस संगम बगहा से *चंदन कुमार * की रिपोर्ट

इन्हें भी जानिए
बगहा रमा टेक्निकल डीग्री कॉलेज



मिथिलेश मणि त्रिपाठी * जो कि रमा टेक्निकल डिग्री कॉलेज के संचालक  है। इनका इंस्टिट्यूट बगहा रेलवे स्टेशन पानी टँकी के सामने पाठक मार्केट के प्रांगण में स्थित है।  इनको अपना संस्था चलाते हुए करीब 7 सात साल हो गए है। इनको  अपना संस्था को स्थापित करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा लेकिन इनकी मेहनत बेकार नही गई  आखिर में इनकी मेहनत  रंग ला ही दी ।

 इनकी मेहनत और ईमानदारी के वजह से इनका संस्था सात साल से चलते आ रहे है। और इनके संस्था में बहुत ही अधिक मात्रा में छात्र एंव छात्रा उपस्थित होते है।
यह  शिस्यों को शिक्षा देने में  काफी मेहनत  करते है। इनकी इसी मेहनत के वजह से
 आज भी इनके रमा टेक्निकल डिग्री कॉलेज में छात्राओं की भीड़ लगी रहती है।  इनके संस्था में   D.C.A ,A.D.C.A. , C.C.A. , D.T.P. HINDI TYPING , MOBILES REPAIR ,  इत्यादि की शिक्षा दी जाती है।

नोट:- इस संस्था में  प्रत्येक वर्ष गरीब से गरीब  छात्रो को मुफ्त प्रशिक्षण भी दिया जाता है। जिसका समय और स्थान  सिमीत है।

  रमा टेक्निकल डिग्री कॉलेज में अभी भी एडमिशन जारी है। एडमिशन लेने हेतु सम्पर्क करें  (R.T.D.C) संचालक  मिथिलेश मणि त्रिपाठी(बगहा)
 संपर्क नम्बर
+91 79 79001967, +91 95046 27008, है।



सरस संगम बगहा से *चंदन कुमार* की रिपोर्ट

सभी शिक्षक एंव निर्देशक की बैठक हुई सम्पन्न


बगहा प0च0:-  दिनांक 06/05/2018 दिन रविवार को  प्राइवेट स्कूल एण्ड चिलड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन प्रखण्ड बगहा -2 के द्वारा शास्त्री शिक्षा निकेतन बगहा, वाडॆ नं0 -14 के प्रांगड में मासिक बैठक का आयोजन किया गया । बैठक में विद्यालय संबन्धित समस्यायों तथा गुणवत्ता पूणॆ अध्ययापन कायॆ करने लिए सभी प्राचार्यो /निर्देशको को दिशा - निर्देश दिया गया । बैठक में  दीपक राही, अभय राव, रूपक श्रीवास्तव,  दुग्रेश यादव , बन्धु साह मनिभूषण श्रीवास्तव, शशि उराॅव, रविन्द्र प्रसाद, अवधेश जी तथा विभिन्न विद्यालयों के प्राचायॆ / निर्देशक उपस्थित थें ।


सरस संगम बगहा 

अगले 48 घंटों में पृथ्वी से टकराएगा सोलर स्टॉर्म, बंद हो जाएगा मोबाइल-टीवी-जीपीएस

Monday, 07 May
नई दिल्ली: पृथ्वी पर एक बड़ा ख़तरा मंडरा रहा है। अगले 48 घंटों में पृथ्वी को एक ऐसी मुश्किल का सामना कर पड़ सकता है जिसकी वजह से न तो मोबाइल चल सकेंगे और न ही टीवी। यह सब सोलर स्टॉर्म के टकराने की वजह से होगा। दरअसल, 48 घंटों में सोलर स्टॉर्म पृथ्वी से टकरा सकता है। यह सोलर स्टॉर्म सूर्य से भारी मात्रा में निकलने वाली ऊर्जा है। यह ऊर्जा सूर्य के कोरोनल होल से निकलेगी।
बताया जा रहा है कि सूर्य के कोरोनल होल से निकलने वाली ऊर्जा में कॉस्मिक किरणें भी रहेंगी, जो धरती पर बुरा असर डाल सकती हैं। इस कॉस्मिक किरणों से पृथ्वी पर सैटेलाइट से चलने वाली सारी सेवाएं पूरी तरह से बाधित हो जाएंगी।
मतलब न तो मोबाइल में सिग्नल आएंगे और न ही केबल नेटवर्क आएंगे, यानी आपका मोबाइल भी ठप्प और टीवी भी। इसके अलावा जीपीएस नैविगेशन जैसी सेवाएं भी पूरी तरह से बंद हो जाएंगी।
मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने भी सोलर स्टॉर्म के पृथ्वी पहुंचने की पुष्टि की है। नासा ने एक तस्वीर भी जारी की है जिसमें गैस के तूफान को देखा समझा जा सकता है। बताया जा रहा है कि सोलर स्टॉर्म से धरती के सोलर डिस्क के लगभग आधे हिस्से को काटते हुए एक बड़ा सा छेद बनेगा, जिसके कारण सूर्य के वातावरण से पृथ्वी की ओर बेहद गर्म हवा का एक तूफान आएगा।
हालांकि, नेशनल ओशन ऐंड अटमॉस्फियर असोसिएशन ने कहा है कि जब यह तूफान आएगा तो उत्तर और दक्षिण में तेज रोशनी नजर आएगी। हालांकि नैशनल ओशन ऐंड अटमॉस्फियर असोसिएशन ने इसे जी-1 या हल्का सौर तूफान ही करार दिया है। असोसिएशन फोरकास्ट का कहना है कि जी-1 श्रेणी का जियोमैग्नेटिक तूफान रविवार या सोमवार को उस वक्त आ सकता है, जब सौर हवाएं चलेंगी।
बता दें कि सोलर स्टॉर्म सूर्य की सतह पर आए क्षणिक बदलाव से उत्पन्न होते हैं। इन्हें पांच श्रेणी जी-1, जी-2, जी-3, जी-4 और जी-5 में बांटा गया है। इनमें जी-5 श्रेणी का तूफान सबसे खतरनाक असर हो सकता है।
सोलर स्टॉर्म को लेकर स्काईमेट के साइंटिस्ट डॉ। महेश पलावत ने चेताया कि कॉस्मिक पार्टिकल सूर्य से धरती पर पहुंचेंगे और इसके नतीजे काफी गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जी-1 कैटिगरी में पावर ग्रिड पर सबसे अधिक असर होता है। माइग्रेटरी बर्ड्स पर भी गंभीर असर पड़ता है। इस आंधी का व्यापक असर यूएस और यूके में ज्यादा पड़ने की आशंका है।



सरस संगम बगहा 
नंदन गढ़ के बौद्ध स्तूपों के सुरक्षा के लिए सरकार ने घेराबन्दी करनी शुरू की


बगहा, 07 मई (हि.स.)। बिहार के पश्चिम चंपारण के लौरिया स्थित नंदनगढ़ बौद्ध स्तूप को राष्ट्रीय मानचित्र पर लाने के लिए केन्द्र सरकार ने कवायद शुरू कर दी है | बीते इतिहास को साक्षी भाव में खड़ा होकर बताने वाले इस नंदन गढ़ के आस पास के स्तूपों के अस्तित्व और सुरक्षा के लिए सरकार ने यहाँ कार्य आरंभ कर दिया है | चार करोड़ रुपया खर्च करके यहाँ मौजूद 108 स्तूपों में चार की चहरदीवारी करा रही है। चहरदीवारी की ऊँचाई पलींथ से 18 मीटर बन रही है। स्तूप की घेराबंदी का काम टेली कम्यूनिकेशन ऑफ इंडिया ने लिया है | टेली कम्यूनिकेशन अपने सब कंटेक्टर सिसमेटिक एडवांस पारा लिमिटेड के माध्यम से लौरिया के आठ स्तूप के टीलों की घेराबंदी का काम करा रही है। इसकी पुष्टि करते हुए सिसमेटिक एडवांस के जेई मेहंदी हसन ने बताया कि घेराबंदी का काम जारी है,जो जून तक पूरा हो जायेगा | जानकारी हो कि इन बौद्ध स्तूपों पर ग्रामीणों के माल-मवेशी का चारागाह स्थल बना हुआ है |

इतिहासकार डाॅ० राधाकृष्ण चौधरी के अनुसार नंदवंश के समय इसका नाम लौहित्यनगर हुआ करता था। नंदन गढ़ मगध राज्य के नंद वंश के राजाओं का विश्राम स्थल था, वहीं चाणक्य ने अर्थशास्त्र की रचना के लिए एकांतवास भी यहीं किया था | अपने शासनकाल के दौरान अशोक बौद्ध धर्म प्रचार के लिए जब कपिलवस्तु, लुम्बिनी की यात्रा पर थे तब यहीं ठहरे थे | बाद में उन्होंने इसी स्थान को बौद्ध स्तूप के तौर पर निर्मित करवाया | इस निर्माण का एक और कारण था. भगवान बुद्ध जब बुद्धत्व की प्राप्ति के दौरान कुशीनगर जा रहे थे, तब उनका पड़ाव इसी गढ़ पर हुआ था | इसलिए सम्राट अशोक ने इस स्थान को भगवान बुद्ध का पवित्र स्थल मानकर बौद्ध स्तूप का निर्माण कर दिया | नंदन गढ़ और आसपास के मौजूद बौद्ध स्तूप टीले आज भी मगध के नंद वंश की कहानी बताते हैं | साथ ही बुद्ध के अवतार को स्तूप में विराजमान होकर उनके भगवान होने का प्रमाण देता है |

पर्यटन के दृष्टिकोण से पूरे भारतवर्ष में यह स्थान अद्वितीय है | बिहार और केंद्र सरकार के ध्यान देने से यह जगह राष्ट्रीय पर्यटन के मानचित्र पर आ सकता है | वहीं बिहार और भारत सरकार को पर्यटन क्षेत्र में आर्थिक तौर पर फायदा पहुंचेगा |नंदनगढ़ के विषय में लोगों का मानना है कि मगध के राजा अजातशत्रु ने वैशाली से जीता था | यहां घनानंद वंश का शासन भी रहा था | नंद वंश के राजा अपने साम्राज्य निरीक्षण और आखेट के लिए अक्सर यहां पर रुकते थे | इसलिए उसका नाम नंदनग़ढ पड़ गया | 321 ईसापूर्व चंद्रगुप्त मौर्य शासनकाल में चाणक्य भी अक्सर यहीं अपना समय गुजारा करते थे | कहा जाता है कि उन्होंने यहीं पर अर्थशास्त्र की रचना की थी | यह भी कहा जाता है कि चाणक्य तंत्र विद्या के विषय में भी निपुण थे और नंदनगढ़ और चानकीगढ़ पर रात्रि में दीपक जलाकर तांत्रिक साधना किया करते थे | नंदन गढ़ से महज पच्चीस किलोमीटर की दूरी पर चानकीगढ़ चाणक्य की कहानी को दोहरा रहा है | यह स्थान नंदन गढ़ से मिलता जुलता है | इन्हीं दोनों स्थानों पर चाणक्य समय बिताते थे | ईसा पूर्व 273 में अशोक ने गद्दी संभाली | कलिंग युद्व के बाद वह धर्म यात्रा पर निकल पड़ा | रूमिनदेई अभिलेख और दिव्यावदान से ज्ञात होता है कि अशोक ने धर्म प्रसार के लिए धर्म यात्राएं की थीं | इस यात्रा में लुम्बिनी, कुशीनगर, कपिलवस्तु, श्रावस्ती, सारनाथ और बोधगया आदि स्थान शामिल थे |इसकी पुष्टि इतिहासकार विंसेंट स्मिथ भी करते हैं | अनुश्रुतियों से स्पष्ट होता है कि अशोक ने पहले आठ स्तूपों में बुद्ध के भस्मावशेषों को संग्रहित किया था | बाद में भस्मावशेषों को वितरित करके अन्य स्तूपों में रखा | इसी क्रम में वह कुशीनगर और कपिलवस्तु की यात्रा के दौरान अशोक को जब ज्ञात हुआ कि नंदन गढ़ स्थल पर भगवान बुद्ध ठहर चुके हैं, तो इस जगह को पवित्र मानते हुए इसने इस स्थल को बौद्ध स्तूप में निर्माण करा दिया | यह स्तूप 24.38 मीटर उंचा है | आकार में बहुकोणीय है तथा पांच वेदिकाओं में निर्मित है, जिसपर तीन परिक्रमा पथ हैं | मुख्य स्थान से इसकी लंबाई 31.69 मीटर है | सन 1880 में अंग्रेजी साम्राज्य में सर ऐलेक्जेंडर कनिंघम ने खुदाई करके इसका पता लगाया था | सन 1935 और 1936 में एन मजूमदार ने इसकी क्रमबद्व खुदाई करवाई, जो 1941 तक जारी रही |

आज़ादी के सत्तर साल गुज़रने के बाद बिहार और केंद्र सरकार ने इसके महत्व को समझा है |यहां के राजनीतिज्ञों की तरफ से भी कोई क़दम नहीं उठाए गए | यही वजह है कि आज तक इसे राष्ट्रीय पर्यटन के क्षितिज पर नहीं जोड़ा जा सका है |

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