2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक पार्टियों अभी से ही व्यापक रणनीति और चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं।राजनीतिक पार्टियों के अलावा मीडिया, सोशल मीडिया और सर्वे एजेंसियों ने भी अपने-अपने आधार पर जीत-हार का अनुमान सीटों के साथ घोषित कर रहे हैं।राजनीतिक विशेषज्ञ कहते हैं कि प्रधानमंत्री बनने का रास्ता यूपी-बिहार से ही होकर गुजरता है लिहाजा सभी की निगाहें अमूमन यूपी-बिहार की 120 लोकसभा सीटों पर आकर टिक जाती हैं।। ABP न्यूज़ ने सी वोटर के साथ मिलकर 2019 लोकसभा चुनाव का सर्वे किया है जिसमें यूपी के नतीजे आपके सामने रख रहा हूं।। कांग्रेस-बीएसपी-एसपी साथ मिलकर चुनाव लड़े तो... कुल सीट-80 एनडीए-24 कांग्रेस गठबंधन-56 अगर एसपी-बीएसपी साथ-साथ और कांग्रेस अकेले लड़ी चुनाव तो क्या होंगे चुनावी नतीजे.... कुल सीट-80 एनडीए-36 एसपी-बीएसपी गठबंधन-42 वहीं अगर 2014 की तरह ही सभी अलग-अलग चुनाव लड़ें तो. कुल सीट-80 एनडीए-70 कांग्रेस-2 अन्य-8 इस सर्वे रिपोर्ट के आंकड़ें को आधार मानकर अगर राजनीतिक समीक्षा करी जाए तो ये तस्वीरें निकलकर सामने आ रही हैं कि अगर यूपी में कांग्रेस-एसपी-बीएसपी साथ मिलकर चुनाव लड़ें तो एनडीए की सीटें पिछले चुनाव के मुकाबले काफी कम होती हुई नज़र आ रही हैं जो कि 2019 में मोदी सरकार के गठन पर सवालिया निशान लगा रहा है।इतना ही नहीं कांग्रेस अगर एसपी-बीएसपी के गठबंधन से बाहर होकर चुनाव लड़ती है तो कांग्रेस को कुछ फायदा नहीं है बल्कि 14 सीटों का नुकसान एसपी-बीएसपी का ही होगा वहीं ये 14 सीटें एनडीए में प्लस हो जाएगी इसलिए कांग्रेस को साथ लेकर चलना एसपी-बीएसपी की मजबूरी है।।।अगर ये तीनों दल साथ चले तो बीजेपी गठबंधन के लिए 2014 की पुनरावृत्ति मुश्किल साबित होने जा रही है।।। अब ज़रा बात बिहार को लेकर होनी चाहिए।।ABPन्यूज़-सी वोटर की सर्वे रिपोर्ट में एनडीए के लिए खुशी की खबर है।।नतीजों पर गौर फरमाएं..... कुल सीट-40 एनडीए-31 यूपीए-9 अगर रामविलास पासवान और उपेंद्र कुशवाहा एनडीए का साथ छोड़ दें तो... कुल सीट-40 एनडीए-22 यूपीए-18 साफ है कि ABP न्यूज़ और सी वोटर बिहार में 2014 के चुनाव परिणाम के इर्द-गिर्द ही घूम रहा है।लेकिन करीब 3 महीने पहले स्पिक मीडिया ने भी अपनी सर्वे रिपोर्ट बिहार के लिए जारी की थी जिसमें उसने बताया था कि.... कुल सीट-40 महागठबंधन(यूपीए)-29 एनडीए-7 पता नहीं-4 इस आंकड़ें के पीछे स्पिक मीडिया ने जो तर्क दिया कि बिहार में तेजस्वी यादव की लोकप्रियता काफी बढ़ गई है।जनता तेजस्वी को पसंद कर रही है वहीं नीतीश कुमार की लोकप्रियता में काफी गिरावट आई है साथ ही पीएम मोदी की स्वीकार्यता भी काफी कम हुई है। मेरा खुद का राजनीतिक विश्लेषण ये कहता है कि यूपी में कांग्रेस-एसपी-बीएसपी साथ चुनाव लड़े तो 60 से 65 सीटों पर कब्जा जमा लेगी।जबकि एनडीए 15 से 20 सीटों पर सिमट कर रह जाएगी। वहीं बिहार की बात करें तो सवर्णों की नाराजगी बीजेपी गठबंधन को 2019 में ले डूबेगी।बिहार में महागठबंधन को 25 से 30 सीटें मिलने की संभावना है तो वहीं बीजेपी गठबंधन को 10 से 15 सीटें ही मिल पाएगी।। । राजनीतिक विश्लेषक व समीक्षक

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