आंदोलनों के बाद नए पेराइ सत्र के लिए पुराने दर पर ही गन्ना खरीद की धोषणा महंगाई और खेती में लागत के अनुसार नहीं हुआयह किसानों के साथ गद्दारी है--अखिल भारतीय किसान महासभा*

सरस् संगम(कार्यलय)बेतिया सोनुभारत द्वाज की रिपोर्ट:- *किसानों की आय दोगुनी करने की घोषणा से गद्दारी कर रही है मोदी नीतीश सरकार* सरकारी खजाने से ₹10 प्रति क्विंटल चीनी मिलों को देने की घोषणा चुनाव फंड की डील-- विरेंद्र प्रसाद गुप्ता चम्पारण बंद को सफल बनाने के लिए सभी किसानो, न्याय प्रिय लोगों का माले की ओर से क्रांतिकारी अभिवादन। गन्ना मूल्य ₹400 करने, केन एक्ट के अनुसार भुगतान करने फर्जी किसान कोड खत्म कर पुअर डे घोषित करने, तमाम प्रभेदों का गन्ना साथ साथ लेने जैसी तमाम मांगों की लड़ाई के लिए अगली बैठक 2 जनवरी 2019 को होगी *बेतिया स्टेशन चौक एन एच 727 रहा घंटो जाम* _किसानों के पुराने और नए सत्र के गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं करना किसानों के साथ गद्दारी कर रही है नीतीश -मोदी की सरकार- सुनील कुमार राव_ *उच्च न्यायालय का हवाला देकर गरीबों के घर पर बुलडोजर चलाने वाली सरकार आज गन्ना किसानों के पक्ष में हाईकोर्ट के फैसला को लागू करने में अनदेखी कर रहे हैं* _गन्ना किसानों के लूट में शामिल है पटना दिल्ली की सरकार - विरेंद्र प्रसाद गुप्ता_ 27दिसंबर2018, बेतिया, गन्ना किसानों के पिछले साल के ब्याज सहित भुगतान करने, नए सत्र में ₹400 प्रति क्विंटल मूल्य घोषित कर तत्काल भूगतान करने, प्रति ट्राली 10 क्विंटल घटतौली पर रोक लगाने, वैरायटी के नाम पर किसानों को तबाह करने, पटना हाई कोर्ट का अवमानना करने वाले गन्ना मंत्री, जिला समाहर्ता, चीनी मिल प्रबंधक आदी पर मुकदमा दर्ज करने, गन्ना मंत्री द्वारा कमीशन खोरी करने के खिलाफ भाकपा माले और अखिल भारतीय किसान महासभा ने बेतिया बंद को लेकर सुबह 11:30 बजे बेतिया स्टेशन चौक को घंटो जाम किया, बाद मे जुलूस शहर की तरफ बढ़ा,शहर के सभी प्रमुख सड़कों पर किसानों के दुश्मन गन्ना मंत्री इस्तीफा दो, किसानों को लूटनेवाले नीतीश मोदी सरकार जवाब दो, एक माह से अधिक मिल चालू हुए हो गया अभी तक महंगाई के हिसाब से गन्ना मूल्य का घोषणा क्यों नहीं नीतीश मोदी जवाब दो, लुटेरी नीतीश- मोदी की सरकार नहीं चलेगी, नहीं चलेगी, इत्यादि मांगो को लेकर बंद किया, इसके दौरान जिला समाहर्ता के गेट के सामने सडक जाम कर सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य विरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा की सरकारी खजाने से ₹10 प्रति क्विंटल चीनी मिलों को देने की घोषणा चुनावी फंड की डील है,गन्ना मूल्य निर्धारण केन एकट के अनुसार किसानों की भुगतान की लड़ाई मे भाकपा माले द्वारा आहूत पशमी चंपारण बंद सफल रहा, किसानों के द्वारा अपने हक अधिकार की लड़ाई लड़ी जा रही है और तमाम न्याय प्रिय समाज द्वारा समर्थन की जा रही है इस लड़ाई में भागीदार लोगों को भाकपा माले क्रांतिकारी अभिवादन करती है और आगे आने वाले दिनों में किसानों की इस लड़ाई को बढ़ाने के लिए आह्वान करती है, बंद के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा की मोदी सरकार के वायदे किसानों की आय को दोगुना घोषित करने के उलट गन्ना मूल्य पिछले साल की दर पर घोषित करना किसान विरोधी है पिछले समय से बड़े महंगाई और खेती की लागत के अनुसार भी नहीं है माले नेता ने कहा कि बिहार की भाजपा जदयू सरकार को गाना किसानों की लुटेरी सरकार बताते हुए कहा कि गन्ना के मूल्य समर्थन मूल्य में भी ₹20 बढ़ोतरी राष्ट्रीय स्तर पर घोषित है उसके अनुरूप भी बिहार सरकार ने पिछले साल से ₹20 प्रति क्विंटल नहीं बढ़ाया, रिजेक्ट पर प्रभेद घोषित करने के खेल में ₹45 प्रति क्विंटल की लूट हो रही है फर्जी किसान कोड बनाकर गरीब किसानों का गन्ना लूट रही है नीतीश सरकारी खजाने से चीनी मिलों को ₹10 देने की घोषणा कर चुनाव के लिए डील बताया, किसान आयोग की सिफारिश के अनुसार एक तो फसलों के मूल्य निर्धारण में मोदी सरकार ने लागत के मनमाने मापदंड घोषित कर धांधली मचाई है,तो दूसरी तरफ साजिस के तहत गन्ना को फसलों की सूची में नही रखा गया है(जैसे धान,गेहूं,तेलहन,दलहन के दाम सरकार एक सामर्थ्य मूल्य घोषित करती हैं) ताकि चिनी मिलो द्वारा किसानों की लूट जारी रहे जिसके चलते रेट निर्धारण नहीं होने का बहाना बनाकर चीनी मिल गन्ना किसानों को न भूगतान कर रही है, अखिल भारतीय किसान महासभा और भाकपा माले द्वारा सुरू किया गया आन्दोलन के दबाव मे आनन-फानन में सरकार एक माह बाद पुराने मूल्य की धोषणा कर किसानों के साथ मजाक किया है, भाकपा माले सह अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला संयोजक सुनील कुमार राव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसान आयोग की सिफारिश के अनुसार गन्ना के मूल्य तय करने की बात कौन करे पिछले साल की तुलना में बढ़ी महंगाई के अनुसार पिछले मूल के हिसाब से बढ़ाकर ₹400 प्रती क्विंटल मूल्य घोषित नहीं किया है,जबकि पूंजीपतियों को 11लाख करोड रूपये कर्ज माफ किया है, आगे उनहोने कहा की पहले से ही दिल्ली और पटना की सरकारों ने बाढ सुखाड़ की समस्या का निदान नहीं कर चम्पारण में गन्ने की खेती करने के लिए किसानों को मजबूर कर दिया गया है, इससे लूट राज काफी मजबूत हो गया है, रिजर्व इलाके के किसानों का गन्ना लेना ही है ऐसा कानून है,लेकिन पर्ची किसानों को नहीं दिया जा रहा है, मंत्री जी के आशीर्वाद से गन्ना माफियाओं को दिया जा रहा है,केन एक्ट के अनुसार किसानों को मिल मे गन्ना देने के बाद 14 दिन के अंदर ही भुगतान करना है, भुगतान नहीं करने पर व्याज सहीत भूगतान करने का कानून है लेकिन डेढ़ माह से ऊपर हो गया है, चीनी मिल चल रहा है लेकिन किसानों का भुगतान एक पैसा नहीं हुआ है यहां तक कि पिछले साल की गन्ना का बकाया पैसा पर ब्याज समेत भुगतान करने संबंधी उच्च न्यायालय पटना के फैसले का यहां पालन नहीं किया गया और नहीं मिल मालिकों, जिला प्रशासन,और गन्ना मंत्री पर न्यायालय की अवमानना का कोई मुकदमा दर्ज हुआ है कानून के राज के बदले चिनी मिलों का लूट राज कायम हो गया है, किसानों की फसलों की बुवाई बच्चों की पढ़ाई -लिखाई, शादी- विवाह सब बाधित है, बिहार के वर्तमान गन्ना मंत्री खुर्शीद आलम जो पश्चिमी चंपारण के ही रहने वाले हैं, के कार्यकाल में तो और तरह-तरह की लूट बढ़ गई है बड़ी संख्या में छोटे किसानों को वंचित कर गन्ना माफियाओं का फर्जी किसान कोड बनाया गया, पहले से छोटे मझोले किसानों के लिए चली आ रही पुअर डे की परंपरा पिछले बरस से ही खत्म कर दी गई है जिसके चलते छोटे मझोले किसानों को पर्ची मिलना मुश्किल है उनहोने कहा की सप्ताह मे दो दिन पुवर डे की सरकार धोषणा करे, आगे कहा की ठकरहा मधुबनी जोगापट्टी बैरिया नौतन जैसे प्रखंडों के और सभी प्रखंडों के दूरदराज के छोटे मझोले किसानों को ₹300 के बदले अपना गन्ना ₹110 से लेकर ₹140 तक प्रति क्विंटल बेचने के लिए मजबूर कर दिया गया है, अधिकांश किसान तौल केंद्र (कांटा) के ठेकेदार मंत्री जी के आदमी है, पिछले कुछ वर्षों से चीनी मिलों द्वारा प्रति 100क्विंटल पर 5 से 6 क्विंटल घाटतौली करने वाली लूट अब 10 क्विंटल तक बढ़ गई है इस पर तत्काल रोक लगे, मंत्री जी के कार्यकाल में गन्ने के अागात, सामान और रिजेक्ट प्रभेद के मूल्य में अंतर करके लूट ₹10 से ₹30 कर दी गई है जो कि पहले वह ₹5 से ₹10 के बीच होती थी कम मूल्य कर देने के बाद भी समान और रिजेक्ट प्रभेद की गन्ना भी डेढ़ माह मिल चलने के बाद भी नहीं लिया जा रहा है जिससे गेहूं की बुवाई बाधित है, ऐसी परिस्थिति में किसानों के पास लड़ने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है ऐसी स्थिति में किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि इस किसान विरोधी नीतीश-मोदी सरकार को उखाड़ फेके, इनके अलावे किसान नेता,संजय यादव,योगेनदर यादव, शंभू कुशवाहा, विनोद कुशवाहा मंजूर आलम, भारत ठाकुर आजाद राम, हाकिम मियां, सतनारायण साह, मनबोध साह धर्म कुशवाहा, सुरेश यादव,संजय राम,सुजायत अंसारी,मंगल यादव,हरेराम यादव,समभू यादव,मं सोहैल,शेख वहीद,उमेश यादव,अरूण पाठक,परकाश माझी,अकेला महतो, देखन मिया,जवाहर प्रसाद,रिखी साह,धुरूप प्रसाद,महराज महतो,आदी नेताओ ने भी संबोधित किया सुनील कुमार यादव

No comments:

Post a Comment

SARAS SANGAM,

पुलिस को मिली बड़ी सफलता, एक पिस्टल ,दो मैगजीन ,तीन गोली के साथ अपराधी गिरफ्तार

सरस् संगम(कार्यलय )बेतिया से ब्यूरो सोनुभारत द्वाज की रिपोर्ट:- बेतिया काली बाग ओपी थाना क्षेत्र के बौद्धि माई स्थान के पास अज्ञात अपराधि...

SARAS SANGAM